सर्किट हाउस में जनसुनवाई करती राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ बबीता चौहान। फोटो : आशीष शर्मा
- फोटो : आशीष शर्मा
आगरा। थानों में पीड़ित महिलाएं इस उम्मीद के साथ पहुंचती हैं कि उनकी सुनवाई होगी। शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। हर पीड़िता की सुनवाई की जाए। तत्काल एफआईआर दर्ज की जाएं। बिना कारण के थाने के चक्कर न लगवाए जाएं। महिलाओं संबंधी अपराध में प्रभावी कार्रवाई की जाए। यह बात मंगलवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चाैहान ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दाैरान पुलिस अधिकारियों से कहीं।
जनसुनवाई में कुल 79 आवेदन आए थे। इन पर संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्देश दिया। सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और पेंशन के आए। अध्यक्ष ने विभिन्न प्रकरणों पर संबंधित थानाध्यक्षों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दाैरान उन्होंने सरकार की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश भी दिए।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि पिछली बार जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न के 34 मामले आए थे। इन सभी प्रकरण को निस्तारण के लिए संबंधित विभागों में भेजा गया। दो प्रकरणों में पुलिस विभाग से अनुपालन आख्या प्राप्त नहीं हुई है। इस पर नाराजगी जाहिर की। एक सप्ताह में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर विभाग की अनुपालन आख्या देने के निर्देश दिए। इस दाैरान सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला, एसीपी अमीषा, जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल सोनी सहित अन्य मौजूद रहे।