जर्जर पुल के बाद अफसरों का दूसरा बड़ा मुद्दा यह बना है कि ट्रंप होटल अमर विलास से ताज तक अपनी कार द बीस्ट से जाएंगे या गोल्फ कार्ट से। अमेरिकी सुरक्षा अफसर चाहते हैं कि खेरिया से ताज तक द बीस्ट से जाएं।
स्थानीय अफसरों ने बताया कि सीएम योगी जो सुरक्षा का जो ब्लू प्रिंट दिया, इसमें अमर विलास से आगे ट्रंप को गोल्फ कार्ट से जाना है। अफसरों की चिंता है कि अगर अमेरिकी अफसर अड़ गए तो कार की अनुमति कैसे मिलेगी, क्योंकि प्रशासन ने अब तककिसी राष्ट्रध्यक्ष के लिए इसकी अनुमति नहीं दी है।
इसकी वजह यह है कि ताज को प्रदूषण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 500 मीटर दायरे में केवल ताजमहल के आस पास के लोग और स्थानीय अफसरों की कार जा सकती हैं। विदेशी नंबर की गाड़ियां इस छूट में शामिल नहीं है।
प्रशासन के अधिकारियों ने इस संबंध में एएसआई के अफसरों से भी बात की। साथ ही गृह और विदेश मंत्रालय के अफसरों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। विचार इस पर भी हुआ है कि ट्रंप की कार को अस्थायी अनुमति दे दी जाए लेकिन इसका रास्ता नहीं मिल पाया है।
बराक ओबामा के लिए नहीं दी थी अनुमति
आगरा। वर्ष 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का भी ताज आने का कार्यक्रम बना था। ऐन वक्त पर यह निरस्त कर दिया गया था। इसकी एक वजह यह भी बताई गई थी कि अमेरिका के अफसर ओबामा की कार के लिए ताज के गेट तक की अनुमति चाहते थे जबकि प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं हुआ था।