चंबल के बीहड़ में बसे बाह की जेबरा ग्राम पंचायत के मजरा पुरा डाल और पुरा शिवलाल में खांसने के बाद अंधे हुए करीब 20 कुत्तों के मरने से हड़कंप मचा हुआ है। लेखपाल राकेश कुमार की रिपोर्ट पर बाह के एसडीएम अब्दुल बासित ने पशुपालन विभाग की टीम को जांच के निर्देश दिए हैं।
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चंबल नदी की कछार में बसे पुरा डाल और पुरा शिवलाल गांव में तीन दिन में खांसने के बाद अंधे हुए करीब 20 कुत्ते मर गए हैं। इससे ग्रामीणों खासकर पशुपालकों में हड़कंप मचा हुआ है। कोरोना को लेकर अलर्ट ग्रामीणों ने कुत्तों के मरने की जानकारी लेखपाल राकेश कुमार को दी।
लेखपाल ने तहसील प्रशासन को रिपोर्ट भेजी। जिसे गंभीरता से लेते हुए बाह के एसडीएम अब्दुल बासित ने पशु चिकित्साधिकारी बाह धर्मेंद्र कुमार को टीम के साथ मौके पर जाकर परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
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लॉकडाउन में खाने को नहीं मिलने से खुंखार हो रहे कुत्ते
बेवजह घरों से न निकलें। कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा तो है ही कुत्ते भी आप पर हमला कर सकते हैं। खाने के लिए पर्याप्त भोजन न मिलने और गर्मी से कुत्ते खुंखार हो गए हैं। सामान्य दिनों के मुकाबले औसत में लॉकडाउन में कुत्ता काटे के मरीजों की संख्या ज्यादा है।
जिला अस्पताल में फ्लू ओपीडी और एंटी रैबीज वैक्सीन की ओपीडी ही चल रही है। जुकाम-खांसी के 180-200 मरीज आ रहे हैं। एआरवी की ओपीडी में 80-120 मरीज हैं। डाक्टरों को मरीजों से पता चला कि घर के पास ही सड़क, गलियों में कुत्ते ने हमला कर दिया।
जिला अस्पताल में कुत्ता काटे के रोजाना 80-120 मरीज आ रहे
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि जानवर काटे के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। सामान्य दिनों के मुकाबले लॉकडाउन में एआरवी लगवाने आ रहे मरीजों में जख्म ज्यादा पाई जा रही है। घाव भी गंभीर मिल रहे हैं। ओपीडी में आए लोगों में सबसे ज्यादा कुत्तों ने टांगों पर काटा, ऐसे करीब 90 फीसदी मरीज रहे। कमर-कूल्हे, पेट और हाथों के पास करीब दस फीसदी लोगों को कुत्तों ने काटा।
केस-1- गली के कुत्ते ने काट लिया
टेढ़ी बगिया के मोहम्मद सलीम ने बताया कि वह राशन लेने के लिए निकला तो गली में बैठे कुत्ते भौंकने लगे, कुछ संभलता तब तक पैर मुंह में भर लिया। घर की बाउंड्री में खड़े एक सज्जन ने पत्थर मारकर उनको बचाया। मोहम्मद सलीम के मुताबिक पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। कुत्ते खुंखार हो गए हैं।
केस-2- पीछे से आकर पैर मुंह में ले लिया
जगदीशपुरा के विनोद कुमार दवा लेने के लिए पास के मेडिकल स्टोर पर जा रहे थे। सड़क के किनारे बैठे कुत्ते ने पीछे से पैर मुंह में भर लिया। जैसे-तैसे खुद को कुत्ते से बचाया। बोले, पता नहीं क्यों लेकिन कुत्ते आक्रामक हो गए हैं। वह तो रोज निकलने वाले हैं, घर के पास कुत्ता काट लेगा सोचा नहीं था।
खतरा अधिक क्यों
बीते साल इस महीने जिला अस्पताल में जानवर काटे के रोजाना 230-260 मरीज रहते थे। तब लॉकडाउन नहीं था और सामान्य रूप से दिनचर्या चल रही थी, लेकिन अब लॉकडाउन में बहुत कम लोग ही घर से निकल रहे हैं। ऐसे में रोज कुत्ते काटे के 80-120 मरीजों का होना सभी को आशंकित कर रहा है।
भूख-गर्मी से कुत्ते हो रहे हैं हिंसक: डॉ. योगेश शर्मा
नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। गर्मी बढ़ने से कुत्तों में झल्लाहट बढ़ी है। लॉकडाउन में स्टॉल, रेस्टोरेंट तक बंद हैं, लोग घर से बाहर नहीं जा रहे तो खानेपीने की सामग्री भी कुत्तों को नहीं मिल पा रही।
भूख और गर्मी से कुत्ते हिंसक हो गए हैं। जब कोई गलियों और चौराहों पर गुजरता है तो हमला कर रहे हैं। नगर निगम बंदर, कुत्तों को भोजन उपलब्ध करा रहा है, लोगों से अपील है कि अपने घर के बाहर इनके लिए खाने-पीने की सामग्री रखें।