उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में यदि आप कोई घर या कोई प्रॉपर्टी खरीदने जा रहे हैं, तो यह बेहद जरूरी है कि उसकी अच्छे से जांच पड़ताल कर लें। प्रॉपर्टी के मालिकाना हक और दस्तावेज की भी पड़ताल जरूरी है। सस्ते के लालच में जरा सा फिसले तो संभल नहीं पाएंगे।
आगरा में 10 बिल्डरों के लुभावने वादों में आकर सैकड़ों घर खरीदार मेहनत की गाढ़ी कमाई गवां चुके हैं। इनके विरुद्ध 40 करोड़ से अधिक की रिकवरी की आरसी जारी हैं। बिल्डरों के विरुद्ध जारी आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) की वसूली के लिए गिरफ्तारियां तक हो रही हैं। इनके घर, मकान, दुकान से लेकर खेत-खलिहान तक कुर्क हैं। जिन प्रोजेक्ट में खरीदार फंसे वो बंद पड़े हैं।
हैरत की बात है कि ऐसे बिल्डरों के रसूख के आगे पुलिस व प्रशासन भी लाचार है। एडीए, तहसील, कलेक्ट्रेट से लेकर कमिश्नरी तक घर खरीदारों को भटकना पड़ रहा है। कोई राहत नहीं मिल पाती। यह हाल तब है, जब रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) आरसी वसूली के लिए हर माह समीक्षा कर रहा है।
फिर भी घर खरीदारों को न तो रकम मिल पा रही और न ही वो घर या फ्लैट जिसके लिए उन्होंने रकम गंवाई। ऐसे में सावधानी ही बचाव है। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि रेरा के बकायेदारों से वसूली की जा रही है इसके लिए आरसी भी जारी की गई हैं।