ताजमहल की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवान के दस्तावेज फर्जी निकले, जिनके सहारे उसने नौकरी हासिल की थी। मामले का खुलासा होने के बाद जवान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
असम के रहने वाले जवान की केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति हो गई। दो साल तक वह ताजमहल की सुरक्षा में तैनात रहा। जांच में उसके प्रमाण पत्रों में जाति का प्रमाण पत्र गलत पाया गया। इसके बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया। थाना ताजगंज में उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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ताजमहल पर तैनात सीआईएसएफ के निरीक्षक जितेंद्र कुमार तिवारी ने दर्ज कराए गए केस में पुलिस को बताया कि असम के कछार जिला के प्रेमी विकास को 15 अक्टूबर 2023 को सीआईएसएफ में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त किया गया था।
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर कछार के कार्यालय से जारी पत्र में उक्त जाति प्रमाण पत्र उनके कार्यालय से जारी नहीं होने की जानकारी दी गई। इसके बाद नौ अप्रैल 2025 को कांस्टेबल प्रेमी विकास को बर्खास्तगी का पत्र दिया गया। वर्तमान में उसका पता कानपुर देहात के रमाबाई नगर के गांव अहीरन अंकित है। ताजगंज पुलिस शिकायत पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही है।