आगरा के एक निजी अस्पताल में रुपयों के लिए डॉक्टर एक मुर्दे का इलाज करते रहे। मरीज की मौत के बाद भी उसका शव वेंटीलेटर पर रखा रहा। परिजनों को जब पता चला तो हंगामा कर दिया। इसके बाद अस्पताल स्टाफ शव छोड़कर भाग गया। पीड़ित परिवार ने थाने में तहरीर दी है।
राजस्थान के धौलपुर निवासी 60 साल की मीरा देवी को बुखार के अलावा सांस की परेशानी थी। इनका इलाज धौलपुर के अस्पताल में चल रहा था। यहां राहत न मिलने पर संचालक ने सुल्तान गंज पुलिया स्थित अस्पताल में मरीज को भर्ती कराया।
संचालक ने 48 घंटे में मरीज को ठीक करने का दावा करते हुए 70 हजार रुपये जमा करा लिए। परिजनों का आरोप है कि रविवार की दोपहर को मरीज की हालत खराब बताते हुए वेंटीलेटर पर रख दिया। हृदय संबंधी परेशानी भी बताई। 15 हजार रुपये और जमा कराए। मरीज से मिलने भी नहीं दिया।