आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। अपने भांजे की पट्टी कराने लाए तीमारदार को ऑपरेशन थिएटर में बंद कर 15 मिनट तक पीटा। परिजनों के चिल्लाने पर अन्य स्टाफ ने तीमारदार को बचाया। पुलिस भी पहुंच गई। एक आरोपी चिकित्सक को दो दिन के लिए चिकित्सकीय कार्य से निलंबित कर दिया है। जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई है।
देवरी गांव निवासी पप्पू के डेढ़ साल के बेटे वैष्णव के कूल्हे पर फोड़ा था। इससे बुखार भी आ गया। सुबह करीब दस बजे बाल रोग विभाग की ओपीडी में दिखाने लाया था, जहां से उसे इमरजेंसी में भर्ती करा दिया।चिकित्सकों ने इसके पिता पप्पू से 115 नंबर में (ऑपरेशन थिएटर) फोड़े की ड्रेसिंग कराने के लिए भेजा। यहां बच्चे को लाने पर डॉक्टरों ने थोड़ी देर बाद आने के लिए कहा।
पीड़ित को तीन बार लौटाया
वो तीन बार बच्चे को लेकर गया, लेकिन हर बार लौटा दिया। इसी बीच करीब चार बजे बरौली अहीर निवासी बच्चे का मामा अजय कुमार और नाना भी आ गए। वैष्णव की मां लज्जावती ने अजय को बताया कि बेटे की डॉक्टर पट्टी नहीं कर रहे हैं। इस पर अजय बच्चे को लेकर गया, यहां एक बार फिर उसे बाद में आने की कहा तो अजय भड़क गया और बहस करने लगा।
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
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इस पर चिकित्सकों ने अजय को पीटना शुरू कर दिय। गैलरी से खींचते हुए ऑपरेशन थिएटर में बंद कर लिया। बच्चे की मां लज्जावती ने बताया कि करीब 15 मिनट तक डॉक्टर गेट बंद कर भाई को पीटते रहे। शोर करने पर अन्य स्टाफ आया और दरवाजा खुलवाकर अजय को बचाया।पुलिस भी आ गई, इस घटना की किसी ने वीडियो भी बना ली। वीडियो में पहचान होने पर हड्डी रोग विभाग के जूनियर डॉक्टर सुधांशु को दो दिन के लिए कार्य से हटा दिया है।
आरोपी डॉक्टर को एक दिन के लिए हटाया
प्राचार्य डॉ जीके अनेजा ने कहा कि तीमारदार से पिटाई का वीडियो देखा। इसमें एक चिकित्सक पहचान करते हुए दो दिन के लिए चिकित्सकीय कार्य से हटा दिया है। अन्य चिकित्सकों की पता लगाने के लिए सीएमएस डॉ. एसके जैन और हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी पाल को जांच सौंपी है। दो दिन में रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।
जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों को समझाया
तीमारदार और जूनियर डॉक्टर के बीच मारपीट हो गई थी। जूनियर डॉक्टर को समझाया गया है। तीमारदारों से भी अपील है कि वह चिकित्सकों से अभद्रता नहीं करें। - डॉ. भूपेंद्र चाहर, अध्यक्ष जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन
दो साल पहले 15 जूडा को भेजा गया था जेल
एसएन के डॉक्टर पर मारपीट का आरोप पहली बार नहीं लगा है। कई बार बवाल हो चुका है। दो साल पहले 17 सितंबर को 15 जूनियर डॉक्टरों को जेल भी भेजा गया था। इन पर देहली गेट स्थित रेस्तरां में तोड़फोड़, मारपीट का आरोप था। हरीपर्वत थाना में इसका केस दर्ज किया गया था। आरोपी डॉक्टर जमानत पर छूटे थे। इस मामले की जांच अब तक अधूरी है।