रेनवो हॉस्पिटल को सील करते नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह। स्रोत स्वास्थ्य विभाग।
मैनपुरी। नगर में बिना डॉक्टर के संचालित हो रहे एक अस्पताल पर प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई। परिजन ने महिला को आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। महिला के पति की शिकायत पर जब टीम जांच करने पहुंची तो वहां अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा प्रसव कराने की जानकारी मिली। जिस पर नोडल अधिकारी ने क्लीनिक को सील कर संचालक से पंजीकरण संबंधी अभिलेखों की तीन दिन के अंदर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
एलाऊ क्षेत्र के गांव गूजरपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार की पत्नी प्रियंका गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन ने उन्हेंं नगर के देवी रोड पर संचालित रेनवो हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां प्रसव के बाद प्रियंका की हालत बिगड़ गई। वर्तमान में उनका इलाज आगरा के निजी अस्पताल में चल रहा है। धर्मेंद्र द्वारा अस्पताल में इलाज में बरती गई लापरवाही की शिकायत सीएमओ डा. आरसी गुप्ता से की।
शिकायत पर शनिवार को नोडल अधिकारी डाॅ. सुरेंद्र सिंह टीम के साथ रेनवो हास्पीटल पहुंचे। यहां उन्होंने चिकित्सक के संबंध में जानकारी की तो बताया गया कि बिना डाक्टर के ही अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा प्रसूताओं की डिलीवरी कराई जा रही है। इसके बाद नोडल अधिकारी ने क्लीनिक को सील कर उसका पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान नोडल अधिकारी ने संचालक को नोटिस देकर तीन दिन के अंदर अभिलेखों की जांच कराने के भी निर्देश दिए हैं।
शिकायत पर नोडल अधिकारी रेनवो हास्पिटल जांच करने गए थे। जांच के दौरान वहां कोई भी डाॅक्टर मौजूद नहीं मिला। इस पर हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है। जल्द ही उसका पंजीकरण भी निरस्त करा दिया जाएगा।
डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ