कासगंज। यदि आपकी कमर में दर्द की शिकायत है तो इसे नजरअंदाज न करें। यह स्पाइनल टीबी हो सकती है। जिले में रीढ़ की हड्डी की टीबी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। लापरवाही करने पर टीबी खतरनाक हो सकती है और एमडीआर के मरीज बन सकते हैं।
नेशनल स्ट्रेटेजिक प्लान (2017-2025) सरकार टीबी उन्मूलन के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन जिले में टीबी को जड़ से समाप्त करना चुनौती बना हुआ है। गलत लाइफ स्टाइल एवं खानपान का लोगों की सेहत पर काफी असर पड़ रहा है। अभी तक जिले में पल्मोनरी (फेफड़ों) टीबी के ही मरीज सामने आते रहते थे। अब एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। फेफड़ों की टीबी के अलावा शरीर के अन्य अंग भी टीबी की चपेट में आ रहे हैं। इसमें रीढ़ की हड्डी की टीबी भी अछूती नहीं बची है। खासकर युवाओं में यह टीबी देखने को मिल रही है।