मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसे में 19 लोगों की जान चली गई थी। इनमें से 4 मृतकों की पहचान हो गई थी। जबकि अन्य शवों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है। इसके लिए पुलिस ने आगरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में 15 मृतकों के अवशेष भेजे गए हैं। पुलिस ने जो अवशेष भेजे थे, उनमें से डीएनए की प्रोफाइल बनाने का काम लगभग पूरा हो गया। आज परिजन के डीएन से मिलान भी पूरा किए जाने की उम्मीद है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा में कोहरे की वजह से एक के बाद एक कई वाहन आपस में टकरा गए थे। स्लीपर बसों की टक्कर से आग लग गई थी। 19 यात्री जिंदा जल गए थे। इस घटना में 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने जले हुए वाहनों के अंदर से मृतकों के अवशेष लिए थे। 4 की पहचान होने के बाद बाकी के अवशेष को अलग-अलग बैग में सुरक्षित रखा गया है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में डीएनए की मदद से पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि मृतकों के अवशेष के रूप में सिर्फ हडि्डयां और दांत थे। यह काफी जल चुके थे। हाथ में लेने पर टूट रहे थे। इनसे विशेषज्ञ की टीम ने सुरक्षित तरीके से डीएनए को निकाला। डीएनए जांच के लिए विशेष रूप से गाजियाबाद की उप निदेशक अनीता पुंढीर, लखनऊ की उप निदेशक प्रगति सिंह, पवन कुमार, शशि शेखर पांडेय सहित 12 लोगों की टीम को लगाया है। अब जो 20 लोगों के खून के सैंपल लिए गए हैं, उनसे मिलान कराया जाएगा। इसके परिणाम सोमवार को आने की उम्मीद है। इससे मृतकों की पहचान हो सकेगी।