विदेश से लौटे लोगों के लिए मुकदमे से बचने का आखिरी मौका है। जिला प्रशासन ने विदेश से लौटे व्यक्तियों को बृहस्पतिवार शाम सात बजे तक स्क्रीनिंग व जांच की सूचना उपलब्ध कराने के लिए आदेश दिए हैं। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि 12 मार्च 2020 के बाद सिर्फ सौ लोगों ने अपनी सूचना दी है। इनकी जांच की गई। इनमें कई लोग संक्रमित निकले।
कई यूरिपियन देश कोरोनावायरस के संक्रमण से प्रभावित हैं। ऐसे में बाहर से आगरा लौटे लोगों की केंद्र व राज्य सरकार के प्रोटोकॉल के मुताबिक जांच अनिवार्य है।
दो अप्रैल शाम सात बजे के बाद अगर किसी व्यक्ति के विदेश यात्रा छिपाने की सूचना प्राप्त होती है तो उसके विरुद्ध महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। आगरा में कोरोना के 12 मामले मिलने के बाद स्थिति संवेदनशील है। विदेश से लौटे लोगों को अपनी ट्रेवल हिस्ट्री 9458429778 पर दर्ज करानी होगी।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य सर्वे में कुछ लोगों ने जानकारी छिपा ली है। अमेरिका से आए युवक की भी जानकारी कंट्रोल रूम को नहीं दी गई थी। तबियत बिगड़ने पर उसकी जांच हुई तो उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
कई लोगों ने छिपाई जानकारी
आगरा में छह मार्च को एक साथ छह मामले सामने आए थे। यह परिवार इटली से लौटा था। इसी परिवार के संपर्क के दो और लोगों में बाद में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इस तरह कुल आठ केस हो गए थे।
इसके बाद रेलवे अधिकारी की बेटी में कोरोना पॉजिटिव मिला, वो पति के साथ यूरोप से हनीमून मनाकर लौटी थी। पति बंगलुरु में जॉब करता है, वो पॉजिटिव पाया गया। युवती के परिवार ने प्रशासन को सूचना नहीं दी थी।
अमेरिका से आए युवक की भी जानकारी कंट्रोल रूम को नहीं दी गई थी। जिलाधिकारी का कहना है कि जानकारी छिपाना अपराध है। पिछले दो महीने में विदेश से जो भी आया है, उसकी सूचना अवश्य दें। बता दें कि शहर में कोरोना के अब तक 12 मामले सामने आ चुके हैं।
पका हुआ भोजन मिलेगा
जिलाधिकारी और एसएसपी द्वारा आगरा में 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण बंदी के दौरान निराश्रित, असहाय गरीब लोगों के लिए पका हुआ भोजन वितरण व्यवस्था बुधवार को लागू की गई है। किसी गरीब या असहाय व्यक्तियों के पास राशन, भोजन की व्यवस्था न हो, तो वह हेल्प लाइन 9639555540 नोडल अधिकारी व पुलिस कंट्रोल रूम 9454458046, 0562-2454209 पर कॉल कर सकता है। व्यक्ति को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।