डीएम प्रभु नारायण सिंह ने बुधवार को चार्ज लेने के बाद छीपीटोला और ताजगंज में आश्रय स्थलों (शेल्टर होम) का मुआयना किया तो नगर निगम का गोलमाल सामने आ गया। रिकॉर्ड में 15-15 बेड थे, जबकि आश्रय स्थलों में 10-10 मिले। इस पर डीएम ने नगर निगम अफसरों से जवाब-तलब किया है। दो शेल्टर होम में अवर अभियंता नदारद मिले।
छीपीटोला आश्रय स्थल में चादर गंदी थी। रजाई और गद्दे पुराने थे। यहां जेई आर बी प्रसाद की ड्यूटी थी, लेकिन वह अनुपस्थित थे। केयर टेकर हरी शंकर ने बताया कि सात से 11 बजे तक अलाव जलाया जाता है।
आश्रय स्थल ताजगंज के निरीक्षण के दौरान जेई आकाशदीप अनुपस्थित मिले। केयरटेकर संतोष शर्मा ने बताया कि 10 से 12 दिन में चादर धुल जाते हैं। यह आश्रय स्थल 12 वर्ष से चल रहा है।
कार्य संभालते डीएम प्रभु नारायण सिंह
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नगर निगम के रजिस्टर में दोनों आश्रय स्थल में 15-15 बेड अंकित किए गए हैं, जबकि मौके पर 10 बेड ही पाए गए। जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों के प्रति नाराजगी प्रकट करते हुए निर्देशित किया है कि जनपद में संचालित सभी आश्रय स्थलों में संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे, अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सफाई व्यवस्था में सुधार, पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर रहेगा जोर
डीएम ने बुधवार दोपहर को चार्ज लिया। वह कोषागार और कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां किसान संगठनों, वकीलों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं बताई। पहले नंबर पर सफाई व्यवस्था में सुधार बताया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में आगरा की रैंकिंग में और सुधार लाना है। इसके लिए शुक्रवार से ही काम किया जाएगा। तहसील दिवस और दफ्तरों में आ रही शिकायतों का निस्तारण त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कराना है। इसमें भी आगरा की रैंकिंग में सुधार कराना है।
आगरा पर्यटन नगरी है। यहां पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बढ़ाए जाने पर निरंतर काम करना है। शहर स्वच्छ रहेगा तो इसका भी सैलानियों में अच्छा संदेश जाएगा। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं पर फोकस रहेगा। झोलाछाप केबारे में पूछे जाने पर कहा कि इनके बारे में विस्तृत जानकारी लेंगे। इसके बाद जो भी जरूरी होगा, कदम उठाया जाएगा।