मैनपुरी। कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कर-करेत्तर, राजस्व वसूली की समीक्षा की। परिवहन विभाग, अलौह खनन में माह, क्रमिक दोनों की वसूली खराब मिलने पर एआरटीओ, अलौह खनन निरीक्षक, बिना सूचना के बैठक से अनुपस्थित होने पर डीएफओे, अधिशाषी अभियंता सिंचाई का वेतन रोका है। अनुपस्थिति अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
डीएम ने कहा कि संबंधित अधिकारी ठीक से मॉनीटरिंग करें तो सभी मदों में शत-प्रतिशत वसूली हो सकती है। मॉनीटरिंग न करने से माह, वार्षिक लक्ष्य की पूर्ति नहीं हुई है। परिवहन, नगर निकाय, अलौह खनन, वन विभाग, सिंचाई देय में वसूली की प्रगति खराब है। वाणिज्य कर, स्टांप, आबकारी में क्रमिक वसूली खराब है। संबंधित अधिकारी क्षेत्र के एसडीएम से समन्वय स्थापित कर विविध देय की वसूली कराएं। एसडीएम माह में कम से कम तीन बार अपनी तहसील के स्टांप रजिस्ट्रेशन कार्यालय का रेंडम तौर पर निरीक्षण करें।
उन्होंने कहा कि प्रवर्तन कार्य में ढिलाई बरती जा रही है। अधिशाषी अधिकारी अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करें। एसडीएम से समन्वय भी स्थापित करें। डीएम ने कहा कि शीतलहर से बचाव की तैयारियां की जाएं। नगर निकाय द्वारा दुकानों, वाणिज्य प्रतिष्ठानों, होटलों, मैरिज होम आदि से करेत्तर वसूली की जाए। तहसीलदार लंबित आरसी की वसूली पर करें। एडीएम बी. राम, एसडीएम ऋषिराज, रतन वर्मा, सुधीर कुमार, अनिल कटियार, मान सिंह पुडीर, रामसकल मौर्य, एआरटीओ राजेश कर्दम मौजूद रहे।
खेत से पराली ले जाए पशु पालन विभाग
मैनपुरी। किसानों के खेत से पराली संग्रह करने के लिए धनराशि की व्यवस्था वित्त आयोग द्वारा की जाए। किसानों के खेत से गोशाला स्थल तक पराली ले जाने का काम पशुपालन विभाग द्वारा किया जाए। यह निर्देश शनिवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बैठक के दौरान दिए।
डीएम ने एसडीएम, बीडीओ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप निदेशक कृषि सहित संबंधित अधिकारियों से कहा है कि किसानों के खेत से गोआश्रय स्थलों तक पराली पहुंचाने की तत्काल व्यवस्था की जाए। पराली प्रबंधन को प्रभावी तरीके से लागू करके गोशालाओं तक पराली पहुंचाने की मॉनीटरिंग की जाए। कर्मचारियों को संबंधित अधिकारी निर्देशित कर स्वयं मॉनीटरिंग करके प्रतिदिन समीक्षा करें। कार्रवाई की सूचना, आख्या भी डीएम कार्यालय में जमा कराएं।