फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: ऐसे जूते-चप्पल...जिन पर भीषण गर्मी और सर्दी भी बेअसर, कैसे भी पहनें; तीन साल तक नहीं फटेंगे

Sat, 08 Nov 2025 08:29 AM IST
आगरा ब्यूरो अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

सिंथेटिक जूते-चप्पल पर भीषण गर्मी और सर्दी का भी असर नहीं होगा। तीन साल तक ये फटेंगे नहीं। चमड़े के उत्पाद के मुकाबले इनकी कीमत भी आधी है।
विज्ञापन
पॉलीयूरेथेन (पीयू) मटेरियल से बने जूते-बैग
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चमड़े के विकल्प के तौर पर सिंथेटिक और पॉलीयूरेथेन (पीयू) मटेरियल तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया में 90 फीसदी लोग सिंथेटिक जूते-चप्पल का ही उपयोग करते हैं। पीयू मटेरियल से बने जूता-चप्पल भीषण गर्मी और सर्दी में बचाव के साथ पैरों को आराम पहुंचाते हैं। चमड़े के उत्पाद के मुकाबले इनकी कीमत भी आधी है। एफमेक के सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में तीन दिवसीय मीट एट आगरा में लगे स्टॉलों पर सिंथेटिक और पॉलीयूरेथेन से बने जूते-चप्पल उद्यमियों को आकर्षित कर रहे हैं। मीट में 253 स्टॉल लगे हैं।
विज्ञापन


नई दिल्ली से आए उद्यमी अनिल कुमार सौंधी ने बताया कि पीयू मटेरियल का मल्टीपल उपयोग हो रहा है। इससे जूता, चप्पल, जैकेट, बैग, सीट कवर, वॉल कवरिंग समेत सजावटी सामान भी बन रहा है। इसमें 250 से अधिक तरह के रंग हैं। इसके बने जूते -60 और 60 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी पैरों को सुरक्षित रखते हैं। ये बेहद मुलायम और आरामदायक हैं। इसके जूते-चप्पल पैरों को सुरक्षित और आरामदायक रखते हैं। ये चमड़ा के बने उत्पादों के मुकाबले 50 फीसदी तक सस्ते होते हैं।

उन्होंने बताया कि इनका तीन साल तक भरपूर उपयोग कर सकते हैं। इसके बने बैग बेहद पसंद किए जा रहे हैं। ये चमकदार और कई तरह के रंग होने के कारण आकर्षक डिजाइन के बनते हैं, जिसे महिलाएं और युवतियां बेहद पसंद करती हैं। उद्यमियों को भी ये बैग लुभा रहे हैं।
विज्ञापन



ये हुए सम्मानित
- जसविंदर सिंह खेड़ा- लाइफटाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड
- माला खेड़ा- बेस्ट वीमन एंटरप्रेन्योर अवाॅर्ड
-रेणुका ढंग: कंपोनेंट सेक्टर बेस्ट वीमन एंटरप्रेन्योर अवाॅर्ड
- गौतम मनचंदा: कंपोनेंट सेक्टर एक्सीलेंस अवाॅर्ड
- चेतन गुप्ता, गौतम मेहरा और अजीत कलसी: एक्सपोर्ट एक्सीलेंस अवाॅर्ड

घंटा बजाकर किया उद्घाटन
मीट एट आगरा का पहली बार नए तरीके से शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि औद्योगिक विकास मंत्री ने घंटा बजाकर उद्घाटन किया। इस दौरान शहर के साथ ही देश के अन्य राज्यों व विदेश से आए उद्यमी भी मौजूद रहे।


निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता का कहना है कि मीट एट आगरा से जूते की डिजाइन, गुणवत्ता, उपयोगिता, मशीनरी, उपकरण समेत कई तरह की जानकारी मिल रही हैं। इसमें देश-विदेश में जूता उद्यम में आए बदलाव, बाजार की जरूरताें को एक ही छत के नीचे समझा जा सकता है। इससे जूते के निर्यात में भी बढ़ावा मिलेगा।


टेस्टिंग और डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट की है जरूरत
फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि देश-दुनिया में आगरा का जूता कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इसको और गुणवत्तापरक बनाने के लिए सरकार की ओर से यहां टेस्टिंग लैब और डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट बनाए जाने की जरूरत है। 10 साल पहले के ये प्रस्ताव हैं। इन दोनों के बनने से चमड़ा की जांच और नई डिजाइन तैयार करने में मदद मिलेगी। 

नए उद्योग स्थापित करने में भी मददगार
कंफेडेरेशन ऑफ इंडियन फुटवियर इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह लवली का कहना है कि मीट एट आगरा में नई तकनीक-डिजाइन, मशीनरी, बाजार की मांग समेत कई तहर की जानकारी देश-विदेश के विशेषज्ञों से मिल रही है। इससे दूसरे देशों से मुकाबला करने के लिए जूता निर्माण में मदद मिलेगी। इस मेले के जरिये जूते का निर्यात भी बढ़ रहा है। 


घरेलू जूता कारोबार को भी मिलेगा फायदा
द आगरा शू फैक्टरर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि मीट एट आगरा में पहली बार स्थानीय जूता कारोबारियों को भी शामिल किया गया है। यहां कर्मचारियों को नई तकनीक के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। स्टाफ भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। इससे और अच्छी गुणवत्ता का जूता बन सकेगा। घरेलू उत्पाद को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें