दिवाली के बाद काम पर लौटने वाले यात्रियों के लिए दिल्ली-मुंबई समेत कई शहरों की रेल यात्रा मुश्किल हो गई है। 8 से 13 नवंबर तक कई ट्रेनों में वेटिंग 77 पार पहुंच गई है, जबकि कुछ में नो रूम की स्थिति है।
दिवाली के बाद दिल्ली-मुंबई समेत दूसरे शहरों में काम पर लौटने वाले यात्रियों की राह मुश्किल होने वाली है। आठ से 13 नवंबर तक लंबी दूरी की कई ट्रेनों में स्लीपर से लेकर एसी श्रेणी तक कन्फर्म सीट के लिए मारामारी है। वेटिंग का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, वहीं कई ट्रेनों में नो रूम की स्थिति है। आगरा से मुंबई, हावड़ा और दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा परेशानी सामने आ रही है।
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8 नवंबर को बीकानेर-हावड़ा सुपरफास्ट (22308) के स्लीपर में सोमवार को वेटिंग 77 के पार है। ईदगाह पर रुकने वाली हावड़ा गरीब रथ एक्सप्रेस के थर्ड एसी में वेटिंग 29 है। आगरा कैंट से मुंबई जाने वाली पंजाब मेल (12138) के स्लीपर में 28 और थर्ड एसी में आठ वेटिंग है।
10 और 13 नवंबर को इसमें एसी फर्स्ट में पांच, सेकंड एसी में आठ और थर्ड एसी में 18 वेटिंग चल रही है। मंगला एक्सप्रेस (12618) में स्लीपर में 50, थर्ड एसी में 43 और सेकंड एसी में 24 की वेटिंग है। अमृतसर-सीएसएमटी एक्सप्रेस (11058) के सेकंड एसी में 18 और स्लीपर में 48 वेटिंग है। 13 नवंबर को इसमें नो रूम है। सीएसएमटी राजधानी (22222) के थर्ड एसी में प्रतिक्षा सूची 33 है। कर्नाटक एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस और अहमदाबाद जाने वाली गरबा एक्सप्रेस में भी यही स्थिति है।
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जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि त्योहार पर यात्रियों को आवागमन में परेशानी से बचाने के लिए कई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए उनमें अतिरिक्त कोच भी जोड़े गए हैं। इसके अलावा होल्डिंग एरिया भी बनाए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को कोई परेशानी नहीं हो।