आगरा फैमिली कोर्ट ने आपसी सहमति से तलाक के मामले में 6 महीने की प्रतीक्षा अवधि हटाकर 2 महीने में फैसला दे दिया। 2012 में शादी के बाद मतभेद बढ़ने पर दंपती 2016 से अलग रह रहे थे।
पति-पत्नी ने परिवार न्यायालय में आपसी सहमति से तलाक लेने के लिए याचिका दायर की। अदालत ने दो महीने में स्वीकृत कर तलाक के आदेश दे दिए। ग्रेटर नोएडा निवासी युवक की शादी 2012 में कमलानगर निवासी युवती के साथ हुई थी। दोनों के संसर्ग 2013 में एक पुत्र हुआ।
विज्ञापन
शादी के दो साल बाद ही पति-पत्नी के बीच मतभेद इतने बढ़ गए कि दोनों एक-दूसरे के साथ नहीं रहना चाहते थे। 2016 से अलग-अलग रहने लगे। दो महीने पहले आपसी सहमति से विवाह विच्छेद हेतु अदालत में याचिका प्रस्तुत की। परिवार न्यायाधीश ने छह महीने की प्रतीक्षा अवधि को मुक्त कर दो महीने में विवाह विच्छेद के आदेश पारित कर दिए।