कोहरे के बीच झांसी के आंतरी व सिथौली, प्रयागराज और होशियार मंडलों में मरम्मत कार्य के कारण कई नियमित ट्रेनें निरस्त की गई हैं। कई का रूट बदला गया है। कोहरे के कारण भी ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इससे यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
झांसी में एनआई वर्क के कारण आगरा से वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी) को जाने वाली चार मेमू, पैसेंजर निरस्त कर दी गई हैं। आगरा कैंट से चलने वाली कई ट्रेनें मथुरा से डायवर्ट हो रही हैं। यात्रियों को मथुरा से सफर करना पड़ रहा है। होशियारपुर-आगरा कैंट एक्सप्रेस दो से 8 जनवरी तक निरस्त चल रही है। इसी तरह 12 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हैं। ब्यूरो
यात्रियों का हाल-बेहाल कोहरे के कारण बृहस्पतिवार को ट्रेनों का संचालन लड़खड़ा गया। 24 से ज्यादा ट्रेनें अपने तय समय से घंटों की देरी से आगरा के स्टेशनों पर पहुंचीं। शताब्दी, वंदेभारत भी दो घंटे देरी से आईं। कर्नाटका एक्सप्रेस 7 घंटे लेट पहुंची। सचखंड एक्सप्रेस 10 घंटे लेट रही। यात्रियों में कड़ाके की ठंड में बिना किसी इंतजाम के इंतजार भारी पड़ रहा है।
दक्षिण एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस और महाकौशल दो घंटे की देरी से आगरा कैंट पर पहुंची। तेलंगाना 1:20 घंटे, उत्कल एक्सप्रेस 4:35 घंटे, राजधानी एक्सप्रेस साढ़े नौ घंटे, पटना-कोटा तीन घंटे, गोल्डन टेंपल, राजधानी, नंदा देवी एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, मरुधर एक्सप्रेस, जियारत एक्सप्रेस भी चार से पांच घंटे की देरी से आगरा आईं। राम नगर के अवधेश प्रसाद का कहना था कि इतनी सर्दी में भी प्लेटफार्म पर कोई इंतजाम नहीं हैं। सर्कुलेशन एरिया तक में यात्री ठिठुरते हुए इंतजार कर रहे हैं।
रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य राजकुमार नागरथ का कहना है कि स्टेशनों पर साधारण कोचों से लेकर स्लीपर तक के यात्री इन दिनों परेशान हैं। घंटों अतिरिक्त सफर करना होता है। यात्रा के दौरान ट्रेनों में पानी की समस्या पैदा हो रही है। शौैचालयों में पानी नहीं मिल पा रहा है।