मैनपुरी। जिले में वायरल के बाद अब मलेरिया ने भी दस्तक दे दी है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में हर रोज दो से तीन मरीजों में मलेरिया के लक्षण मिलने लगे हैं। 10 दिन में जिला अस्पताल में हुई 450 जांचों में 20 मरीजों में मलेरिया के लक्षण मिले हैं, जबकि प्राइवेट लैबों पर हो रही जांचों में प्रतिदिन 50 से 60 मरीजों में मलेरिया के लक्षण मिल रहे हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन बुखार से पीड़ित 150 से 200 मरीज पहुंच रहे हैं। इनकी जांच जिला अस्पताल की लैब के साथ निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर भी कराई जा रही है। इनमें अचानक मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ चली है। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार पिछले 10 दिनों में 20 मरीजों में मलेरिया के लक्षण मिले हैं, जिन्हें जिला अस्पताल से उपचार दिया गया है। जबकि यदि निजी पैथोलॉजी और क्लीनिकों की बात करें तो हर रोज 50 से 60 मरीजों में मलेरिया के लक्षण मिल रहे हैं।
सीएचसी पर रखी हुई है डीडीटी
मलेरिया विभाग ने मच्छरों की रोकथाम के लिए जो डीडीटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजी थी, वह वहीं रखी है। विभाग की तैयारियां केवल कागजों में दौड़ रही हैं। धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। इसके चलते मलेरिया के मरीजों की समय से रोकथाम नहीं हो पा रही है।
प्रधान और एएनएम भी नहीं दे रहे ध्यान
मच्छरों की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों में प्रधान और एएनएम के संयुक्त खाते में 10 हजार रुपये की धनराशि स्वास्थ्य विभाग से भेजी गई है। इस धनराशि से गांव में सफाई कार्यक्रम के साथ ही अन्य उपाय किए जा सकते हैं, लेकिन अधिकतर ग्राम पंचायत में इस धनराशि का ग्राम प्रधान और एएनएम ने बंदर बांट कर लिया है।
मलेरिया की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सभी सीएचसी पर डीडीटी भेज दी गई है। वहीं नगर क्षेत्र में फॉगिंग का कार्य कराया जा रहा है। बारिश के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
एसएन सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी।
मच्छरों से ऐसे करें बचाव
-घरों के दरवाजे और खिड़कियों पर जाली लगवाएं
-नियमित मच्छरदानी का प्रयोग करें
-मच्छररोधी उपाय अपनाएं
- अनुपयोग वस्तुओं में पानी एकत्रित न होने दें
-पानी की टंकी पूरी तरह से ढक कर रखें
-शरीर ढकने के लिए फुल आस्तीन के कपड़े पहनें
-घर और कार्यस्थल के पास पानी एकत्रित न होने दें
-कूलर, गमले आदि का पानी हर सप्ताह बदलें