बिल्डर ने न तो फ्लैट दिया और न ही रकम वापस की। इस पर पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत की। जिस पर बिल्डर को ब्याज सहित रकम का भुगतान करने का आदेश दिया गया है।
रकम जमा कराने के बाद भी बिल्डर ने फ्लैट नाम नहीं किया। शिकायत पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव कुमार ने पीड़ित के पक्ष में आदेश दिया।
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उन्होंने बिल्डर शस्य मंगलम इंन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड खेरिया मोड़ निवासी सतीश चाहर और अतुल से 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 28.60 लाख रुपये वादी को दिलाने के आदेश दिए। साथ ही 1.20 लाख रुपये मानसिक कष्ट और वाद व्यय के रूप में अलग से देने के लिए कहा है।
हरीपर्वत थाना क्षेत्र के चर्च रोड की अमिता आहूजा ने शस्य मंगलम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, विभव अपार्टमेंट न्यू आगरा के सतीश चाहर और अतुल कुमार सिंह के विरुद्ध आयोग में वाद दायर किया था। बताया था कि उन्होंने विपक्षियों से देव नगर कॉलोनी में निर्मित देवश्री अपार्टमेंट में फ्लैट संख्या 504 का सौदा किया। 7 जुलाई 2010 को विपक्षियों ने 28 लाख रुपये लेकर बुक किया।
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एक साल बाद कब्जा देकर फ्लैट का बैनामा करना था। इसके बाद भी विपक्षियों ने न फ्लैट पर कब्जा दिया और न ही रुपये वापस दिए। उनके नाम से आवंटित फ्लैट को दूसरे शख्स सुरेंद्र कुमार को बेच दिया।