उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में जिला उपभोक्ता फोरम विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय ने एक मामले में वादी के पक्ष में फैसला सुनाया। बीमा कंपनी एलआईसी को आदेश दिए कि वह वादी को बीमा के 5 लाख रुपये के साथ मानसिक पीड़ा के 20 हजार रुपये भी अदा करे।
मामला खेरागढ़ थाना के गढ़ी तुलसी नगला दूल्हे खां गांव का है। गांव निवासी वकील सिंह ने मुकदमा प्रस्तुत किया। बताया कि चाचा सियाराम ने 28 अप्रैल 2018 को भारतीय जीवन बीमा निगम से पॉलिसी ली थी। बीमा राशि 5 लाख रुपये थी। चाचा अविवाहित थे। उन्होंने मुझे बीमा पॉलिसी में नॉमिनी बनाया था। 6 सितंबर 2018 को चाचा की मौत हो गई। इसके बाद बीमित राशि लेने के लिए कंपनी पर क्लेम किया।
एलआईसी बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं दिया
आरोप है कि एलआईसी बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। इस पर अधिवक्ता अनिल कुमार के माध्यम से मुकदमा प्रस्तुत किया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय के अध्यक्ष आशुतोष, सदस्य पारुल कौशिक और राजीव सिंह ने परिवाद स्वीकृत किया। सुनवाई के बाद बीमा की राशि के पांच लाख रुपये व मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की एवज में 20 हजार रुपये 30 दिन में दिलाने के आदेश दिए।