कासगंज के बमनपुरा में भरा गंगा की बाढ़ का पानी
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कासगंज। गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई है। गंगा के जल स्तर में करीब 32 सेंटीमीटर की कमी आई है। बैराजों से डिस्चार्ज घट जाने के कारण जलस्तर कम हुआ है। लेकिन जिन इलाकों में जलभराव है वहां से पानी की निकासी नहीं हो पा रही। ऐसी स्थिति में संक्रामक रोगों का खतरा भी बना हुआ है।
गंगा के जलस्तर में हरिद्वार, बिजनौर एवं नरौरा बैराज से शुक्रवार को कमी आई। नरौरा बैराज से करीब 31 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है। जिससे ग्रामीण आबादी के बीच बाढ़ का पानी घुसने का खतरा कम हो गया है। जिले के करीब 20 गांव की आबादी के मुहाने तक बाढ़ का पानी की दस्तक हो चुका था। तमाम खेतों में पानी भरा है। जलस्तर में कमी के बावजूद पानी की निकासी शुरू नहीं हुई है।
निचले इलाकों में गंगा का पानी लगातार भरा होने के कारण मच्छरों के पनपने से संक्रामक रोग फैल सकते हैं। बमनपुरा के अरविंद का कहना है कि गंगा का पानी काफी इलाकों में भरा हुआ है इससे दिक्कत होगी। उन्होंने बताया कि अभी खेतों में पानी भरा है। गंगा का पानी और कम होगा तभी खेतों से पानी निकल पाएगा। वरना फसलों पर इसका प्रभाव आ जाएगा। ग्रामीण राजेंद्र ने भी ऐसी ही आशंका व्यक्त की है।
गंगा के जलस्तर में 32 सेंटीमीटर की कमी हुई है। बैराजों से पानी घटा है। ऐसी स्थिति में बाढ़ का फिलहाल कोई खतरा नहीं है। अभी जलस्तर में और कमी आएगी। अरूण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई