मथुरा में यमुना की खादर में इमारत बनाई जा रही हैं। कालोनियों कट रही है, लेकिन न कोई रोकने वाला है, न ही कोई टोकने वाला। स्थिति यह है कि खादर में बनी कालोनियों का गंदा पानी भी सीधे यमुना में जा रहा है, लेकिन नगर निगम, विकास प्राधिकरण के साथ सभी जिम्मेदार अफसर चुप्पी साधे हैं।
यमुना की बिगड़ती तस्वीर के लिए अवैध निर्माण भी जिम्मेदार है। जो भूमि यमुना की है, उस पर मकान बना लिए गए। प्लाटिंग कर दी गई। यहां जो बस्ती बस गई हैं, उसका गंदा पानी सीदे यमुना में पहुंच रहा है। अवैध निर्माण की तो बाढ़ सी आ गई है। शासनादेश के अनुसार यमुना में 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं हो सकता है।
इस संबंध में विकास प्राधिकरण के सचिव ईश्वर चंद का कहना है कि यमुना किनारे जो लोग नियम के विपरीत अवैध निर्माण कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन हर बार यह बयान देने वाले अफसर कार्रवाई कभी नहीं कर पाते। हर बार बस एक ही बात, जांच हो रही, कार्रवाई करेंगे।