आगरा। मंगलवार की दोपहर जिस समय अधिकारी जी-20 की तैयारियों का निरीक्षण कर रहे थे, उसी दौरान बिजलीघर चौराहे के दुकानदार, काजीपाड़ा और मंटोला के लोग दुकानों और घरों के सामने भरे नाले के गंदे पानी को निकालने में जुटे थे। करीब 30 हजार लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा।
नाला काजीपाड़ा आगरा किला के सामने से होता हुआ यमुना में गिरता है। इसी नाले की सफाई और किले के सामने दुर्गंध खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार के अधिकारी जोर दे रहे हैं। मंगलवार को इस नाले के चोक होने ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खुल गई।
जी-20 के मेहमान आगरा किले को देखने के लिए आएंगे, उसी किले के सामने से निकल रहे नाले की सफाई और दुर्गंध दूर नहीं की गई है। मंगलवार की सुबह काजीपाड़ा नाला चोक होने के कारण उफनाया, जिससे नाले का गंदा पानी बिजलीघर और शिवाजी मार्केट की दुकानों और चौराहे की सड़कों पर भर गया। गंदे पानी, सीवर के भर जाने से व्यापारियों और राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया।
व्यापारी जय पुरसनानी ने बताया कि अपनी दुकानों में रखा सामान को गंदे पानी से बचाने की मशक्कत में व्यापारी पूरे दिन लगे रहे। सर्दियों में दुकानों के बाहर कई फड़ भी लगे थे, जिन्हें जलभराव के कारण छीपीटोला रोड की ओर जाना पड़ा। शाम को अपर नगर आयुक्त एसपी यादव ने टीमें भेजकर नाले की सफाई कराई, तब नाला खुल सका।
पहले मानसून की बारिश में ही काजीपाड़ा नाले का पानी दुकानों में भरता था, पर अब तो बार बार नाला चोक हो रहा है। साफ है कि सफाई ही नहीं हुई, इसीलिए जो पानी नाले में जा रहा है। दुर्गंध के कारण दुकान खोली ही नहीं।- श्याम भोजवानी, संरक्षक , शिवाजी मार्केट एसोसिएशन
पुलिया के नीचे कचरा जमा होने से नाला चोक हो गया था, जिसे मशीनों की सहायता से खुलवा दिया गया। कुबेरपुर से बड़ी मशीन मंगवाकर पुलिया के नीचे से नाला साफ करा दिया गया है। यहां नाले में कतरन और सूखा कचरा डालने से बार बार यह समस्या आ रही है। - सुरेंद्र प्रसाद यादव, अपर नगर आयुक्त