जब दोनों दीप्ति जांच समिति के सामने उपस्थित नहीं हुईं तो समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि दोनों ने फर्रुखाबाद के थाना कायमगंज क्षेत्र के गांव बगिया सोहनलाल निवासी सुरेश चंद्र की पुत्री दीप्ति के अभिलेखों से नौकरी हासिल की है।
असली दीप्ति कौशांबी के मिश्रपुर ढहैया के राजकीय हाईस्कूल में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात है। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद चयन समिति ने उनका चयन फर्जी मानकर उनकी संविदा समाप्ति करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए डीएम को प्रस्ताव भेजा।
देर शाम डीएम ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति देते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। बीएसए ने देर शाम कोतवाली में दोनों के विरुद्ध तहरीर दे दी है। वहीं दोनों से मानदेय के रूप में दी गई धनराशि की रिकवरी के आदेश भी दिए गए हैं।
जांच टीम को जब दोनों दीप्ति विभाग में दर्ज पते पर नहीं मिलीं और संबंधित गांवों के प्रधानों ने यह लिखकर दिया कि इस नाम की कोई युवती इन गांवों में नहीं है तो जांच टीम का माथा ठनका। टीम ने जांच में पाया कि दोनों दीप्ति के अभिलेख एक ही हैं और फर्रुखाबाद स्थित एक विद्यालय से उसने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा पास की है।
सोमवार को जांच टीम फर्रुखाबाद के इस स्कूल में पहुंची और यहां से दीप्ति का पता लिया जो फर्रुखाबाद का निकला। जब इस पते पर टीम पहुंची तो पता चला कि वो तो कौशांबी के मिश्रपुर ढहैया के राजकीय हाईस्कूल में तैनात है।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों ही दीप्ति फर्जी हैं, उनके अभिलेखों और पते का सत्यापन करा लिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर दोनों की संविदा समाप्त कर दी गई है। उन्हें दिए गए मानदेय की रिकवरी कराई जाएगी। उनके खिलाफ एफआईआर के लिए कोतवाती में तहरीर दे दी गई है।
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