नए साल 2025 के स्वागत की तैयारी है। वहीं पिछले बीते साल की बात करें, तो अपराध के वो तरीके सामने आए, जिसका लोगों को अंदाजा भी लगाना मुश्किल रहा। ऐसा ही अपराध है डिजिटल अरेस्ट। इस अपराध की वजह से एक शिक्षिका की जान तक चली गई।
विज्ञापन
1 of 9
साल 2024 में स्कैम का खौफनाक रूप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साल 2024 में अपराधियों ने लोगों को लूटने के लिए अपराध के नए-नए तरीके अपनाए। कहीं पुलिसकर्मी बनकर महिलाओं से गहने उतरवा लिए तो कहीं मजदूर बनकर असली सोना दिखाकर नकली बेच दिया। बाइकर्स गैंग ने भी सड़कों पर चेन, पर्स और मोबाइल लूट की ताबड़तोड़ घटनाएं की। साइबर अपराधियों ने सीबीआई और ईडी अधिकारी बनकर रकम ऐंठी। वहीं डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने-धमकाने की वजह से एक शिक्षिका की मौत हो गई। पुलिस ने भी अपराधियों को पकड़ने के लिए हाईटेक तरीके अपनाए। बीट पुलिसिंग पर जोर दिया। अब साल 2025 में उम्मीद की जा रही है कि साइबर सेल में नए साफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अपराधियों के नेटवर्क तोड़े जाएंगे। प्रस्तुत है आशीष शर्मा की रिपोर्ट...
18 एप ने पुलिसिंग की आसान
डीसीपी पश्चिमी जोन आईपीएस सोनम कुमार ने कमिश्नरेट में पुलिसिंग को आसान करने के लिए नए एप्लीकेशन और एप तैयार कराए। बैरियर चेकिंग एप, पहरा एप, ऑनलाइन लीव, ऑनलाइन जीडी फायर स्टेशन, महिला बीट एप, ई-मालखाना सहित 18 एप्लीकेशन तैयार किए। इससे पुलिस ने चेकिंग के दौरान संदिग्धों का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज किया। वहीं महिला बीट बनने से गांव-गांव, गली-मोहल्लों में पुलिस का मजबूत तंत्र विकसित हो गया। पुलिसकर्मियों को ऑनलाइन लीव सिस्टम की मदद से अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। कमिश्नरेट कोर्ट्स मैनेजमेंट सिस्टम (सीसीएमएस) एप की मदद से कमिश्नरेट कोर्ट में सुनवाई की तारीख की जानकारी लोगों को मिलने लगी। जमानतदारों की माॅनिटरिंग भी आसान हो गई।
विज्ञापन
2 of 9
कमिश्नरेट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के काम आए डिजिटल मुखबिर
कमिश्नरेट के शहरी, पूर्वी और पश्चिमी जोन में 30 हजार से अधिक कैमरों को जगह-जगह लगवाया गया। इसमें पुलिस और संबंधित विभाग के साथ आम लोगों का सहयोग डिजिटल मुखबिर के रूप में लिया गया। इनकी मदद से अपराधियों को पकड़ा गया। साल भर में सीसीटीवी फुटेज से तकरीबन 200 वारदात का खुलासा किया गया। इसमें चोर, लुटेरे सहित अन्य मामलों के आरोपी भी शामिल हैं।
विज्ञापन
3 of 9
आगरा पुलिस,
- फोटो : संवाद
पहली बार 3डी एंड ड्रोन बेस्ड सिस्टम
कमिश्नरेट में पहली बार 3डी एंड ड्रोन बेस्ड क्राइम सीन मैनेजमेंट सिस्टम से घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन की सुविधा मिली। कैमरे की मदद से पुलिस ने घटनास्थल का 3डी माॅडल तैयार किया, जो कि एक बार सुरक्षित होने पर सालाें बाद भी क्राइम सीने देखने में मदद करेगा। इससे कोर्ट में साक्ष्य के रूप में भी दिखाया जा सकेगा।
4 of 9
जगदीशपुरा थाना
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की खूब हुई किरकिरी
- जनवरी में बोदला जमीन प्रकरण सामने आया। इसमें पुलिस की खूब किरकिरी हुई। जगदीशपुरा थाना पर ही आरोप लगे। तत्कालीन एसओ को जेल भेजा गया। पुलिस कठघरे में आ गई।
- भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर दरोगा, सिपाही और मुंशी तक पर गाज गिरी। जून में 40 से अधिक को निलंबित किया गया। इनमें प्रशिक्षु दरोगा भी शामिल रहे।
- सराय ख्वाजा चौकी पुलिस ने एक युवक को पकड़कर 11 हजार रुपये की वसूली की। जांच में मामला सही निकलने पर एक दरोगा सहित 4 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। मुकदमा भी दर्ज किया गया।
- मृतक के खिलाफ विवेचना करने से लेकर आरोप पत्र दाखिल करने तक में पुलिस फंस गई। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें विवेचना करने वाले दरोगा भी शामिल रहे।
विज्ञापन
5 of 9
आगरा में महिला की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
यह भी हुईं घटनाएं
- 19 मई को ताजमहल के पास लकड़हारा वाली मस्जिद में 42 वर्षीय महिला की हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्याकांड के खुलासे के लिए कई संदिग्धों से पूछताछ की। मगर, आज तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
- 1 अप्रैल को विजय नगर कालोनी में केमिकल कारोबारी की हत्या कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पत्नी को भी लहूलुहान कर दिया था। पुलिस ने बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।
- 27 मई को कमला नगर में चांदी कारोबारी की पत्नी की हत्या कर लूटपाट की गई थी। पुलिस ने कुछ दिन बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
- 30 सितंबर को शिक्षिका मालती वर्मा को डिजिटल अरेस्ट किया गया। बेटी को जेल भेजने की धमकी दी गई। इससे दहशत में आईं शिक्षिका की हृदय घात आने की वजह से मृत्यु हो गई। अब तक आरोपी नहीं पकड़े।
संसाधन में कर रहे बदलाव
पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड ने बताया कि कमिश्नरेट के थाने और चौकियों के इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव किया जा रहा है। 3 नए थाने रुनकता, बुंदू कटरा और एकता क्षेत्र में बनाए जाने का प्रस्ताव है। पुलिस आयुक्त के नए भवन के लिए सर्किट हाउस के पास जमीन देखी गई है। इसका जल्द शिलान्यास होगा। साइबर सेल का भवन तैयार हो गया है। नए एप की मदद से साइबर अपराधी पकड़े जाएंगे।
विज्ञापन
7 of 9
डीसीपी पश्चिमी जोन सोनम कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहली बार वर्चुअल रियलिटी ड्रोन कैमरा
डीसीपी पश्चिमी जोन सोनम कुमार का कहना है कि कमिश्नरेट में पहली बार वर्चुअल रियलिटी ड्रोन कैमरा लाया गया है। इसकी मदद से क्राइम सीन तैयार किया जा रहा है। इसका प्रयोग भविष्य में भी पुलिस कर सकेगी। यह अपराधियों को सजा दिलाने में भी कारगर साबित होगा। इसके अलावा 18 नए एप पुलिसिंग के लिए बनाए गए हैं। इनमें अपराधियों के सत्यापन से लेकर धरपकड़ में मदद मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भी धारा लगाने से लेकर माॅनिटरिंग में मदद लेने की तैयारी है।
8 of 9
जगदीशपुरा थाना
- फोटो : अमर उजाला
थानों का स्वरूप बदला
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि डिजिटल होने के साथ ही थानों का स्वरूप बदला गया। लोहामंडी, हरीपर्वत थानों को नया रूप दिया गया है। खेरागढ़, सैंया थानों का कायाकल्प किया गया। परिवार परामर्श केंद्र, यातायात पुलिस क्लब, क्रेच भी बनाए गए, जिससे कर्मचारियों के साथ आम लोगों को पुलिस थाने और कार्यालयों में आने पर बेहतर माहौल मिल सके। अब चौकियों के भी नवनिर्माण की तैयारी चल रही है।
वुमेन सेफ्टी सेल का गठन
कमिश्नरेट में वुमेन सेफ्टी सेल का गठन किया गया। इसका प्रभारी महिला एवं बाल सुरक्षा सेल की एसीपी डाॅ. सुकन्या शर्मा को बनाया गया। सेल में महिला पीड़ितों की शिकायत पर कार्रवाई कराने से लेकर काउंसिलिंग की व्यवस्था की गई है। इसके लिए काउंसलर, डाक्टर की टीम और लीगल वालंटियर की टीम बनाई गई।