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पुलिस की पाठशाला: टीचर बन डीआईजी लव कुमार ने दिए स्टूडेंट्स को आत्मरक्षा के मंत्र

Tue, 28 Aug 2018 02:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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पुलिस की पाठशाला
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला इस बार होली पब्लिक स्कूल सिकंदरा में लगी। टीचर की भूमिका में रहे डीआईजी लव कुमार। उन्होंने न केवल पुलिस और पुलिसिंग के बारे में बताया बल्कि छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा कि अगर छेड़खानी हो तो छात्राओं को चुप नहीं रहना चाहिए। सिर्फ पुलिस को बताना है, मनचलों को सबक जरूर सिखाया जाएगा।
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सोमवार को हुए इस आयोजन में डीआईजी सीधे बच्चों से जुड़ गए। उन्होंने बाल मन को पढ़ते हुए बेहद सरल तरीके से बताया कि जैसे समाज में अच्छे और बुरे दोनों तरह के इंसान होते हैं, वैसे ही सिंघम फिल्म के नायक की तरह अच्छे पुलिसवाले हैं तो कुछ ऐसे भी हैं, जो गलती करते हैं, लेकिन उन्हें सजा भी मिलती है। 

डीआईजी ने कहा कि पुलिस की नकारात्मक छवि बनाई गई, लेकिन हकीकत यह है कि दीवाली, होली और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर पुलिसकर्मी छुट्टी पर नहीं होते हैं बल्कि और ज्यादा सक्रिय रहते हैं ताकि लोग चैन से त्योहार मना सकें। उन्होंने कहा कि यह सही है कि यातायात नियमों का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन पालन तो हमें और आपको ही करना है।
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पुलिस से डरने की जरुरत नहीं

डीआईजी ने कहा कि पुलिस से डरने की जरूरत नहीं। यह बात सही है कि कुछ लोग पुलिस को देखकर डर जाते हैं, लेकिन जब आप रात के अंधेरे में सुनसान जगह से गुजर रहे होते हो तो आप यही प्रार्थना करते हो कि हे भगवान, पुलिस नजर आ जाए। उन्होंने एसएसपी अमित पाठक के हेलमेट अभियान की तारीफ की। उन्होंने यूपी 100 और वीमेन पॉवर लाइन 1090 के बारे में बताया।  

स्कूल के चेयरमैन संजय तोमर ने पुलिस की पाठशाला के आयोजन को छात्र-छात्राओं के लिए लाभप्रद बताया। कहा कि डीआईजी लव कुमार से विद्यार्थियों ने कानून के पालन का जो पाठ पढ़ा है, उसे हमेशा याद रखेंगे और उस पर अमल करेंगे। 
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थाना पुलिस न सुने तो अफसरों से शिकायत करो

पुलिस की पाठशाला में छात्रा अंजलि ने पिंक मूवी का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े परिवार का लड़का छेड़छाड़ करता है तो थानों में लड़की की नहीं सुनी जाती है। लड़के की सुनी जाती है। ऐसे में पीड़ित कहां जाए। डीआईजी ने जवाब दिया कि ऐसा नहीं है। कई बड़े लोगों को भी पुलिस जेल भेज चुकी है। अगर, थाने पर सुनवाई न हो तो बड़े अधिकारियों से शिकायत करके सुनवाई कराई जा सकती है। 

छात्रा कनिका ने सवाल पूछा कि नशा करके वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं नहीं होती है? इस पर जवाब दिया कि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा के अंतर्गत पुलिस इस तरह वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करती है। ब्रथ एनालाइजर से शराब पीने वाले को चेक किया जाता है। पुलिस चेकिंग करती है। 

छात्रा श्रुति ने सवाल पूछा कि अगर, छेड़छाड़ करने का आरोपी थाने से छोड़ दिया जाता है तो क्या करें। जवाब दिया कि पुलिस थाने से आरोपी को छोड़ती है तो अधिकारियों से शिकायत करें। अगर, दोबारा घटना होती है तो हार नहीं माननी चाहिए बल्कि दोबारा शिकायत करनी चाहिए।
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