भारतीय लोक प्रशासन संस्थान और आंबेडकर विवि के बीच समझौता हुआ। जून 2014 में शुरू हुए नमामि गंगे प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य नदियों के खोए हुए अस्तित्व को पुनर्स्थापित करना है।
उत्तर प्रदेश के आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में नमामि गंगे योजना के संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विवि के खंदारी स्थित जेपी सभागार में नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा नमामि गंगे प्रोजेक्ट के अंतर्गत यमुना संरक्षण पर संवाद हुआ। इस मौके पर विवि ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के साथ समझौता पत्र (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किया।
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कार्यक्रम का आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, विवि के पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण विकास संस्थान ने मिलकर किया। शुभारंभ कुलपति प्रो. आशु रानी, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक एसएन त्रिपाठी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर केशव चौधरी, प्रो. वाइस चांसलर प्रो. अजय तनेजा और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, रजिस्ट्रार अमिताभ रंजन, प्रो. विनोद कुमार शर्मा ने किया।
अमिताभ रंजन ने बताया कि जून 2014 में शुरू हुए नमामि गंगे प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य नदियों के खोए हुए अस्तित्व को पुनर्स्थापित करना है। कार्यक्रम में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. मनोज राठौर की उपस्थिति में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान और विवि के मध्य एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इस मौके पर कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. पीके सिंह, प्रो. एसपी सिंह, यूएन शुक्ला, डॉ. प्रमोद कुमार, लवकुश मिश्रा, डॉ आभा सिंह, डॉ. आयुष मंगल आदि मौजूद रहे।