कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी की जिंदगी का यह सबसे रोमांचक ही नहीं, बेहद खतरनाक पल भी था। 1250 फुट की ऊंचाई से हवाई जहाज से कूदना। वो भी रात के अंधेरे में। एक हाथ में पैराशूट की डोर और दूसरे में छोटी सी टॉर्च। जरा सी चूक का मतलब था बड़े जोखिम में पड़ना। लेकिन माही हर खतरे से खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार थे। धीरे से जय माता दी कहा और हंसते हुए लगा दी छलांग। खतरे और रोमांच से भरे इस पल की गवाह बनीं उनकी पत्नी साक्षी, जो थोड़ी दूरी पर प्रभु से प्रार्थना करने की मुद्रा में हाथ जोड़कर चुपचाप खड़ी थीं। माही के सकुशल उतरते ही उनका चेहरा खुशी से खिल उठा। इसी के साथ एमएस ने पैराजंपिंग का पंच ( बेसिक कोर्स) पूरा कर लिया। फ्रेशर से पैराट्रूपर बन गए। आज उनके कंधे पर पैराविंग का निशान लग जाएगा।
छह अगस्त को आगरा आए आर्मी के ओनरेरी लेफ्टिनेंट कर्नल एमएस धोनी को 15 दिन के पैराजपिंग ट्रेनिंग करनी थी। बेसिक कोर्स पूरा करने के लिए पांच जंप जरूरी थी। एक रात में होनी थी। माही ने तीन दिन में कोर्स पूरा कर लिया। पहले दिन एक और दूसरे दिन दो जंप लगाई। तीसरे दिन शुक्रवार को पहली जंप सुबह हुई। इसके बाद नंबर आया नाइट जंप का।
इससे पहले ही साक्षी आगरा पहुंच गई। मलपुरा क्षेत्र के गामरी स्थित पैरा ड्रापिंग जोन के आसमान में रात 7:50 बजे एयरफोर्स का विमान एएन 32 पहुंचा। माही इसी में सवार थे। उन्होंने तीन पैराट्रूपर के साथ जंप की। 58 सेकंड में नीचे आ गए। उतरने से पहले टार्च ऑन की। ड्रापिंग जोन के बाहर खड़ीं साक्षी उन्हें देख रहीं थी।
आज करेंगे ताज का दीदार
साक्षी आगरा आ गई हैं। धोनी की पैराजंपिंग का कोर्स पूरा हो गया है। आज दोनों ताजमहल का दीदार करने जा सकते हैं। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर उनका कार्यक्रम पहले से तय नहीं किया गया है लेकिन माना जा रहा है कि सुबह ताज खुलते ही या शाम को बंद होने से ऐन पहले पहुंच सकते हैं।
ग्रामीणों ने रोक ली धोनी की जिप्सी
जब धोनी जंप कर अपनी जिप्सी से एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे, तभी ग्रामीणों ने उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की। लेकिन कड़े सुरक्षा इंतजाम के कारण नहीं मिलने नहीं दिया गया । आगे आगरा-कागोराल रोड पर धोनी का इंतजार कर रहे कुछ युवक जिप्सी के आगे खड़े हो गए। ड्राइवर ने गाड़ी को रोका। ग्रामीणों ने धोनी से बाहर निकलने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। सुरक्षाकर्मियों ने ग्रामीणों को हटाकर धोनी को निकाला।