आगरा। दिल्ली का रहने वाला अब्दुल रहमान और गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा अवैध धर्मांतरण करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना हैं। पुलिस ने गिरोह के जितने भी सदस्यों को पकड़ा है और उनके चंगुल से जितनी भी युवतियों को छुड़ाया है, उन सभी का संपर्क आयशा और अब्दुल रहमान से सामने आया है। मूल रूप से फिरोजाबाद के रहने वाले अब्दुल रहमान ने 1990 में अपना धर्म परिवर्तन किया था। वह अवैध धर्मांतरण के मामले में उम्रकैद की सजा पाए कलीम सिद्दीकी का सहयोगी है।
पुलिस की अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह के संपर्क में उत्तराखंड के देहरादून, उत्तर प्रदेश के बरेली, अलीगढ़, आगरा, रायबरेली, हरियाणा के झज्जर व रोहतक की युवतियां आईं, जिनको धर्म परिवर्तन के लिए बहकाया गया था। उन सभी से दोनों ने बातचीत की थी। गिरोह से छुड़ाई गईं अधिकतर युवतियों को पुलिस ने घर पहुंचा दिया है। उन्हें सरकारी गवाह भी बनाया गया है।