सनातन धर्म में दीपोत्सव पर्व के पांच दिन विशेष महत्व रखते हैं। जिनमें व्यक्ति के जीवन का संदेश भी छिपा है। पहला दिन भगवान धन्वंतरि, कुबेर और यमराज की पूजा का होता है।
इस दिन आटे का दीपक जलाकर देवताओं की आराधना करने से उनकी कृपा बरसती है। सोरों के पंडित रामखिलावन शास्त्री का कहना है कि धन त्रयोदशी पर एक बर्तन में अन्न रखें और उस पर आटे का दीपक बनाकर तेल या घी से जलाएं। यह दीपक घर की दक्षिण दिशा में रखें। क्यों कि दक्षिण दिशा के स्वामी यमराज हैं और यह दिशा पितरौ की मानी गई है।
यह है शुभ समय
धन त्रयोदशी की पूजा व खरीदारी का शुभ मुहूर्त शाम 7:08 बजे से है। जो 1:05 मिनट तक अवधि तक शुभ रहेगा। 8:13 बजे तक पूजा अर्चना करने वालों को शुभ काल में पूजा का अवसर मिलेगा।
धन वर्षा के लिए धनतेरस का बाजार तैयार हो चुका है। एटा-कासगंज में इस दीपावली करीब 100 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है। बर्तन, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक बाजार के व्यापारियों को सबसे ज्यादा बेहतरी की उम्मीद है।
इनके पास धनतेरस की बुकिंग काफी आ चुकी हैं। बर्तन विक्रेताओं के चेहरे पर राहत दिख रही है क्योंकि धनतेरस पर सबसे ज्यादा बिक्री उसकी ही होती है। दो दिन पहले से ही बर्तन की दुकानों पर भीड़ आ रही है।
गुरुवार को सोने के दाम 38150 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी के दाम 46000 रुपये किलो रहे। बीते दो-तीन दिन में सोने में आई तेजी से सराफा व्यापारी परेशान हैं। पूजन सेट, टंकियां, डिनर सेट, थाली समेत तमाम बर्तनों की जमकर खरीद शुरू हो चुकी है।
स्टील के साथ लोग मेटल और एल्यूमिनियम के बर्तनों को भी पसंद किया जा रहा है। पटाखा बाजार भी सजकर तैयार हो रहा है। मिठाई, पूजन, सजावटी सामान, झाड़ू, दीपक और मालाओं को खरीदा जा रहा है। मंदी से परेशान व्यापारियों को धनतेरस पर करीब 100 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है।