सराय ख्वाजा में हुए धमाके भले ही कम तीव्रता के हों लेकिन इनका मकसद जानना बेहद जरूरी है। रहस्य से पर्दा उठने तक तरह-तरह की आशंका उठती रहेंगी। कहीं यह आतंकी साजिश का हिस्सा तो नहीं है, कहीं बड़े धमाकों की रिहर्सल तो नहीं की गई है, जैसे सवालों का जवाब तभी मिल सकता है जब इन धमाकों की हकीकत सामने आ जाए। अफसरों का दावा है कि दो दिन में गुत्थी सुलझ जाएगी।
पुलिस अफसर इन धमाकों को दो वजहों से गंभीरता से ले रहे हैं। एक तो कानपुर के पुरवाया ट्रेन हादसे में आतंकी साजिश सामने आई। दूसरा, पिछले दिनों प्रदेश में आईएस का नेटवर्क सक्रिय होने की जानकारी मिली। कैंट का धमाका ट्रैक के पास हुआ है। ऐसे में आशंका है कि कहीं यह ट्रेन आते ही ट्रैक उड़ाने की साजिश तो नहीं थी। चिंता इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि शुक्रवार की मलपुरा के पास रेलवे ट्रैक पर भारी पत्थर रखा मिला था। इससे अंडमान एक्सप्रेस टकरा भी गई थी। पलटने से बाल बाल बची थी।
इसके पास ही आईएसआई की धमकी भरा खत भी मिला था। इसके अगले ही दिन शनिवार सुबह कैंट स्टेशन केपास दो धमाके हो गए। इसका क्या मतलब है?।
खुफिया एजेंसियां यह पता करने में लगी हैं कि ट्रैक पर पत्थर रखे जाने और कैंट के पास किए गए धमाकों में कोई संबंध तो नहीं है। कहीं आतंकी ट्रेन पलटने की साजिश तो नहीं रच रहे हैं। सबसे गहरी चिंता का सवाल यह है कि कहीं ये धमाके रिहर्सल तो नहीं थे, मतलब इससे बड़े धमाके की तैयारी तो नहीं है।
पर्यटकों को डरने की जरूरत नहीं - एसएसपी
आगरा। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने पर्यटकों को सुरक्षा का भरोसा दिया है। उनका कहना है कि ताजमहल और ताजनगरी की सुरक्षा पहले से ही चाक चौबंद है। अब इसे और सुदृढ़ किया गया है। पर्यटकों को किसी भी तरह के भय की आवश्यकता नहीं है। उनका आगरा आगमन पर स्वागत है।