कासगंज। ईंट निर्माता संघ के राष्ट्रीय महामंत्री ओमवीर भाटी ने कहा कि भट्ठा उद्योग पर संकट के हालात हैं। सरकारों का ध्यान इस उद्योग पर नहीं है। सरकार ने देश में एक कर एक देश के आधार पर जीएसटी लगाकर 6 गुना टैक्स बढ़ा दिया है। ऐसी स्थिति में भट्ठों का संचालन कर पाना मुश्किल हो गया है। सरकार मनमाने तरीके से टैक्स लगा रही है।
राष्ट्रीय महामंत्री भाटी शहर के एक होटल में आयोजित ईंट निर्माता संघ के प्रांतीय अधिवेशन में बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि कोयला की दरों में कई गुना वृद्धि हुई है। जो कोयला पहले 8 से 9 हजार रुपये प्रति टन मिलता था। वह बढ़कर 22 हजार से 25 हजार प्रति टन हो गया है। ऐसी स्थिति में भट्ठे नहीं चल सकते है। उन्होंने कहा कि 19 हजार ईंट भट्ठे प्रदेश में हैं। जिसमें 30 लाख मजदूर भट्ठों पर मजदूरी का कार्य करते हैं। भट्ठे बंद होने पर और मजदूरों को काम न मिलने पर बेरोजगारी का संकट फैलेगा और अराजकता का माहौल पैदा होगा।
संघ के मुख्य संरक्षक विजय गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुमदेश यादव, प्रदेश प्रभारी संत यादव ने कहा कि भट्ठा उद्योग पर संकट की स्थिति के लिए सरकार जिम्मेदार है। सरकार ने शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया तो भट्ठा संचालक भट्ठा चलाने में असमर्थ होंगे।