द्वारिकाधीश मंदिर में भक्तों की भीड़
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मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में योगीराज भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव शनिवार प्रात: 6 बजे से ही प्रारंभ हो गया। मंदिर में नौबत बजाई गई, भक्तों ने प्रात: 6 से 6:15 बजे तक मंगला के दर्शन किए। 6:30 बजे भगवान का पंचामृत अभिषेक मंदिर के मुखिया ब्रजेश कुमार और सुधीर ने संयुक्त रूप से दूध, दही, शहद, बूरा और घी से किया। करीब 9 बजे ठाकुर के शृंगार, ग्वाल और राजभोग के दर्शन हुए।
शाम 7:30 बजे अध्यापन के दर्शनों को भारी भीड़ उमड़ी। रात्रि 10 बजे जागरण की पहली झांकी तथा 11:45 बजे पर भगवान के जन्म के दर्शन भक्तों ने किए। मंदिर में घंटों-घड़ियालों की ध्वनि गूंजती रहीं। इससे पहले 7:30 पर उत्थापन के दर्शन खुले उनके पश्चात भोग, संध्या आरती के दर्शन हुए।
इसके बाद रात्रि 10 बजे जागरण के प्रथम दर्शनों का आनंद भक्तों ने लिया उसके साथ ही भगवान के जन्म के दर्शन लगभग 11:45 पर हुए और जगत के पालन हार प्रकट हुए। उनके साथ ही नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की ब्रज मैं उमंग भयो जय कन्हैया लाल की गूंजा।
इधर, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्री दीर्घ विष्णु महाराज और पद्मालयी महालक्ष्मी जी का वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य पूर्ण वैदिक परंपरा के अनुरूप पंचामृत महाभिषेक किया गया। आचार्य माखन लाल शास्त्री सहित वैदिक विद्वानों द्वारा वेद पाठ किया गया। महिला भक्त मंडली द्वारा मंगल बधाई गायन किया गया।