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मथुरा में होली पर रंगों के साथ बरसा धन, दिल खोलकर श्रद्धालुओं ने चढ़ाया चढ़ावा

Tue, 13 Mar 2018 03:13 PM IST
पुनीत शर्मा, अमर उजाला मथुरा
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बांके बिहारी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
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भगवान कृष्ण की नगरी में होली खेलने आए भक्तों ने इस बार जमकर दान किया है। वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर में 75 लाख रुपये आए हैं। जबकि श्रीकृष्ण जन्मस्थान को भी 40 लाख रुपया मिला है। 
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वहीं बरसाना में राधारानी मंदिर को 30 लाख और द्वारिकाधीश मंदिर पर दस लाख का चढ़ावा आया है। गोकुल, नंदगांव, महावन, गोवर्धन दानघाटी, मुखारबिंद, जतीपुरा, चकलेश्वर महादेव और बलदेव के मंदिरों पर आए चढ़ावे को जोड़कर यह रकम दस करोड़ के करीब है।

मथुरा में वसंत पंचमी से ही गुलाल उड़ना शुरू हो गया था। चालीस दिन के इस होली महोत्सव में शामिल होने के लिए देश और विदेश तक से लोग पहुंचे। बरसाना की लठामार होली में तो लाखों लोग आए थे। 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी अपने-अपने मंत्रियों के साथ पहुंचकर होली खेली थी। इतनी भीड़ थी बरसाना में जगह भी नहीं मिल रही थी। 

भक्तों ने दान भी खूब किया। होली पर बरसाना में राधारानी मंदिर को ही 30 लाख का चढ़ावा आया। नंदगांव में भी 35 लाख का चढ़ावा आया। सबसे ज्यादा पैसा वृंदावन में श्री बांकेबिहारी मंदिर को 75 लाख रुपया मिला है। 

वृंदावन के स्कान मंदिर, प्रेम मंदिर, राधावल्लभ मंदिर, कात्यायनी मंदिर, रंगजी मंदिर और सेवाकुंज निधिवन मंदिर में भी 25 लाख रुपया होली पर आया है। गोकुल के मंदिर में भी लोगों ने खूब दान किया है। 
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अधिक लोग पहुंचे थे 

बलदेव में हुरंगा देखने के लिए भी लाखों लोग पहुंचे थे। यहां भी होली के मौके पर खूब दान दिया गया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर 40 लाख का चढ़ावा है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस साल पिछले वर्षों की तुलना में होली खेलने के लिए लोग अधिक पहुंचे थे। 

द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि द्वारिकाधीश के साथ लाखों भक्तों ने होली खेली। गुजरात से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। 10 लाख का चढ़ावा आया।

ठाकुरजी के शहर में मंदिरों की संख्या पांच हजार है। सभी मंदिरों पर चढ़ावा आता है। जो बड़े मंदिर हैं उन पर जो चढ़ावे की रकम आती है वह बैंक में जमा कराई जाती है जिससे रिकार्ड मिल जाता है। 

जबकि तमाम मंदिर ऐसे हैं जहां दान में आए पैसे का कोई रिकार्ड नहीं रहता है। लेकिन अधिकांश जगह होली पर लाखों रुपये का चढ़ावा आया है।
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