ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे से संबंधित वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। भागवत कथा प्रवक्ता देवकीनंदन ठाकुर ने ज्ञानवापी को शिव मंदिर बताते हुए वहां पुजारी नियुक्त किए जाने की मांग उठाई है।
वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद हिंदू पक्ष के लोग वहां शिवलिंग व सनातन धर्म के चिन्ह होने के दावे कर रहे हैं। इसके साथ ही वहां पूजा-अर्चना की मांग उठने लगी है। वृंदावन के भागवत कथा प्रवक्ता देवकीनंदन ठाकुर ने ज्ञानवापी के संबंधित स्थल पर एक पुजारी की व्यवस्था कर शिवलिंग पूजा प्रारंभ कराने की मांग की है। उन्होंने ज्ञानवापी को शिव मंदिर बताते हुए वहां गैर हिंदू धर्म से जुड़ी गतिविधियों पर आपत्ति जताई।
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ज्ञानवापी मस्जिद के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए देवकीनंदन ने कहा कि यह पहले से ही सिद्ध है कि ज्ञानवापी की संपूर्ण भूमि शिव मंदिर परिसर है। फिर भी हिंदू समाज संविधान में विश्वास रखते हुए पूरी सहिष्णुता से अपने आराध्य की पूजा अधिकार के लिए न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। जिस आकृति को मुस्लिम लोग फव्वारा बता रहे थे, वीडियो में स्पष्ट दिखायी दे रहा है कि वह शिवलिंग ही है।
इसके आसपास त्रिशूल एवं ओम के चिन्ह भी इसके हिंदु मंदिर होने की बात को पुख्ता करते हैं। मुस्लिम वर्ग को वहां अपना कब्जा छोड़कर सनातन धर्मावलंबियों सौंप देना चाहिए। मंगलवार को प्रियाकांतजू मंदिर पर चर्चा के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने सरकार एवं न्यायालय से मांग करते हुए कहा कि मामले के निपटारे तक शिवलिंग स्थल पर पूजा अर्चना के लिए किसी पुजारी की व्यवस्था कर अन्य मजहबी गतिविधियों पर रोक लगानी चाहिए।