देवी भक्ति में टूटी मजहब की दीवार
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चंबल के बीहड़ में बसे गांव गोहरा में मुस्लिम परिवार की चार बच्चियों ने मजहब की दीवारें तोड़ते हुए देवी मां की भक्ति में मन को रमा दिया है। मजहब के नाम पर आए दिन माहौल बिगाड़ने वालों को आइना दिखाने वाली ये चारों बेटियां अपनी हिंदू सहेलियों के साथ गांव में देवी माता के थान पर पूजा करने जाती हैं। खास बात यह भी है कि उनके परिवारीजनों को भी इससे कोई ऐतराज नहीं है।
नवरात्र के पहले दिन जब गांव की हिंदू लड़कियां गौहरा गांव के प्राचीन देवी माता के थान पर पूजा करने के लिए गईं तो उनके साथ गांव के नूर मोहम्मद की पुत्री नफीसा (16), तहसील खां की पुत्री शायना (8), बसरुद्दीन की पुत्री खुशबू (9), जेनुद्दीन की पुत्री महक (10) भी देवी माता के थान पर पहुुंचीं। उन्होंने पूजा सामग्री चढ़ाई और हिंदू सहेलियों की तरह पूजा की। अपनी सहेलियों ज्योति, अनुपम, वंदना, साधना की देखा देखी पिछले साल से वशीर खां के परिवार की ये चारों बेटियां लगातार पूजा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि देवी मां की पूजा करना उन्हें अच्छा लगता हैं। अपनी सहेलियों के साथ वे मां के भजन भी गाती हैं। अलग-अलग झोपड़ियों में रहने वाले वशीर खां के परिवार के लोगों को भी बेटियों के इस तरह पूजा करने से कोई ऐतराज नहीं है। उन्होंने बताया कि जब सब मिलजुल कर रहते हैं और गांव में कोई हिंदू-मुसलमान का फर्क नहीं करता तो फिर पूजा से ऐतराज क्यों किया जाए।
गांव में कभी नहीं हुआ झगड़ा
गांव के उमेश यादव, राकेश यादव ने बताया कि मजहब के नाम पर गांव में कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ। यहां सभी लोग मिलजुल कर रहते हैं। मुस्लिम परिवार की बेटियों का देवी मां की पूजा करना अच्छी बात है। इससे सौहार्द का माहौल बनता है।