जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजन भी मौके पर आ गए। साड़ी के फंदे से लटके शवों को पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से नीचे उतारा, दोनों शव मोर्चरी भिजवाए। परिजन से जानकारी ली गई तो बताया कि दोनों ने खुदकुशी की है, मगर, वजह को लेकर सभी ने चुप्पी साध ली। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली, बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामला खुदकुशी का है, पुलिस कारणों की जांच कर विधिक कार्रवाई करेगी।
रात को देवर-भाभी ने डीजे पर किया था डांस
गांव बखतपुर के रहने वाले 18 साल के अखिलेश और भाभी सरोजनी ने खुदकुशी कर ली, ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को जब सभी लोग नेजा चढ़ाने के बाद वापस लौटे थे, तब भीमसेन के घर के बाहर डीजे लगाया गया, जिस पर देवर-भाभी ने घंटों डांस किया था। रात करीब 11 बजे डीजे बंद हुआ, जिसके बाद सभी लोग सोने के लिए चले गए थे। दोनों किस समय घर से निकले। इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। मृतका सरोजनी का पति बाहर रह कर इंटरलॉकिंग ईंट बनाने वाले कारखाने में काम करता है। सरोजनी के दो बच्चे एक पांच साल की बेटी और दो साल का पुत्र है। मृतक अखिलेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
एक ही साड़ी से लगाई फांसी
अखिलेश ने जिस पीली साड़ी का फंदा लगाकर खुदकुशी की, उसी साड़ी के दूसरे छोर का फंदा सरोजनी के गले में था। दोनों ने जामुन के पेड़ की एक डाल पर साड़ी डालने के बाद दोनों छोर को फंदा बनाकर गले में कस लिया था, अधिक वजन होने के कारण सरोजनी का शव पेड़ से काफी नीचे लटक चुका था, वहीं अखिलेश का शव ऊंचाई पर लटका था।