फिरोजाबाद में कानपुर-दिल्ली रेलमार्ग पर बुधवार सुबह परिवार के साथ नामकरण संस्कार में शामिल होकर लौट रहे देवर-भाभी की डिब्रूगढ़ राजधानी से कटकर मौत हो गई। हादसे से पहले मृतका के बच्चे ट्रैक पार कर चुके थे। बच्चों की आखों के सामने ही दोनों के कई टुकड़े हो गए। घटना के बाद जीआरपी, आरपीएफ बल मौके पर आ गए।
बुलंदशहर के गांव छतारी निवासी सनी (21) थाना दक्षिण के मोहल्ला संतनगर निवासी बुआ की बेटी गौरी के पुत्र के नामकरण संस्कार में शामिल होने दो दिन पहले रिश्तेदार और परिवार के 25 लोगों समेत आया था। कार्यक्रम के बाद मंगलवार रात कुछ लोग लौट गए थे। शेष लोगों को बुधवार सुबह मगध एक्सप्रेस से लौटना था। उनके साथ छह बच्चे समेत 11 लोग थे। सभी पटरियों से होते हुए प्लेटफाॅर्म नंबर तीन पर आने वाली मगध एक्सप्रेस पकड़ने के लिए जा रहे थे।
एक-एक कर बच्चों को पहुंचाया और बाद में सनी और सोनवती (35) ट्रैक पार कर रहे थे। इस दौरान कानपुर की तरफ से आ रही डिब्रूगढ़ राजधानी ट्रेन की चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई। मृतका सोनवती सनी के बुआ के पुत्र मोनू की पत्नी थी। सोनवती के चार बच्चे हैं। दो बेटियों और एक बेटे को वह साथ ले आई थी। पति मोनू और सात वर्षीय बेटा राजेंद्र घर पर ही थे। आंखों के सामने मां को ट्रेन की चपेट में आता देखकर तीनों बच्चे सहम गए और रोने लगे। आसपास के लोगों ने किसी तरह शांत कराया। स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
जीआरपी प्रभारी सुशील कुमार, स्टेशन अधीक्षक देवेंद्र कुमार और आरपीएफ मौके पर पहुंची। साथ में रहे अरुण ने बहन को सूचना दी तो अन्य रिश्तेदार भी स्टेशन पर आ गए। जीआरपी इंस्पेक्टर सुशील कुमार ने बताया कि डिब्रूगढ़ राजधानी की चपेट में आने से देवर-भाभी की मौत हुई है। परिजन आ गए हैं। आगे की कार्रवाई की जा रही है।