जन्नत का रास्ता
बड़ी बहन (33 वर्ष) से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला वह एमएससी जूलाॅजी के साथ एमफिल कर चुकी है। वर्ष 2020 में नेट की तैयारी के लिए खंदारी क्षेत्र की कोचिंग में पढ़ने जाने लगी थी। कोचिंग में कश्मीर की कई युवतियां आया करती थीं। उसकी मुलाकात ऊधमपुर, जम्मू कश्मीर निवासी साइमा उर्फ खुशबू से हो गई थी। फिर दोनों की फोन पर भी बात होने लगी। तभी साइमा ने बड़ी बहन को मुस्लिम धर्म के बारे में बताना शुरू कर दिया। यह शुरुआत थी। धीरे-धीरे बुर्का पहनने से लड़कियों की हिफाजत और दूसरे धर्म में ज्यादा आसानी से जन्नत का रास्ता होने के बारे में बताना शुरू कर दिया।
ये भी पढ़ें - आगरा धर्मांतरण केस: बुर्का, बदले नाम और एके-47 के साथ फोटो...सगी बहनें ऐसे जाल में फंसीं, निकाह की थी तैयारी
कई वीडियो भी किए शेयर
बाद में कई वीडियो भी शेयर कर दिए। इसमें भी इसी तरह की बातें होती थीं, जिससे युवती उनकी बातों में आ गई। लाॅकडाउन में घर से निकलने पर प्रतिबंध था। तब परिजनों को पता चला कि बेटी नमाज पढ़ने लगी है। घर के पास मस्जिद से अजान होने पर उठ जाती है। यह देखकर परिजन परेशान हो गए थे। उस पर पाबंदी लगा दी। मोबाइल भी छीन लिया। मगर, वो मानी नहीं। उसने बहन के मोबाइल से अपने संपर्क बरकरार रखे। कनेक्टिंग रिवर्ट आईडी चलाने वाले रीत बनिक उर्फ इब्राहिम के संपर्क में रही। फिर मार्च में वह अपनी छोटी बहन को लेकर घर से भाग गई थी।
ये भी पढ़ें - UP: गिरोह के सभी सदस्यों की थी अलग जिम्मेदारी, मोहम्मद अली ने हिंदू डॉक्टर युवती को फंसाया; खुद भी है कनवर्ट