सोरोंजी। बृहस्पतिवार की रात्रि प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने फेस बुक पर सोरोंजी की महिमा के ऊपर एक पोस्ट डाली। जिसमें डिप्टी सीएम ने लिखा था कि यह महाकवि गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि है। तीर्थनगरी के लोगों ने इस पोस्ट को देखा तो वह चहक उठे। लोग खुश थे। वहीं शुक्रवार को उन्होंने अपनी फेस बुक पोस्ट को एडिट कर दिया। जिसमें सोरों की महिमा तो लिखी थी, लेकिन संत तुलसीदास की जन्मभूमि की पंक्ति को हटा दिया। जब सोरों के लोगों ने यह पोस्ट देखी तो वे मायूस हो गए।
तीर्थनगरी में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक बृहस्पतिवार की रात्रि बदायूं से एटा की ओर जाते समय अचानक रुके थे। यहां रुकने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कार से उतरकर कासगंज गेट तिराहे पर लगी भगवान वराह की प्रतिमा के दर्शन किए। इसके बाद वह गंतव्य की ओर रवाना हो गए। रात्रि के समय उन्होंने सोरोंजी में भगवान वराह के दर्शन करने के फोटो पोस्ट किए और सोरोंजी की महिमा का वर्णन करते हुए पोस्ट डाली, लेकिन डिप्टी सीएम की पोस्ट पर चित्रकूट और राजापुर के लोगों के कमेंट भी आने लगे। इसके बाद डिप्टी सीएम ने पोस्ट को एडिट कर दिया और संत तुलसीदास की जन्मभूमि की पंक्ति को हटा दिया। अखंड आयवर्त संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने कहा कि डिप्टी सीएम ने पोस्ट डालते हुए सोरोंजी को तुलसीदास का जन्मस्थान बताया था, लेकिन पूर्वांचल के राजनीतिक दबाव के कारण उन्होंने पोस्ट से इस पंक्ति को हटा दिया है, लेकिन सोरोंजी के लोग सत्य की लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे।