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बीएचयू विवाद पर उपमुख्यमंत्री: शिक्षा का कोई धर्म नहीं होता, मुझे भी मुस्लिम शिक्षक ने संस्कृत पढ़ाई

Sat, 23 Nov 2019 12:15 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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यूपी डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने देखी प्रदर्शनी - फोटो : अमर उजाला
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में सहायक प्रोफेसर पद पर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर मच घमासान पर उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा और विषय का कोई धर्म नहीं होता। जाति व धर्म के आधार पर शिक्षक को नहीं देखा जा सकता है। 
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उपमुख्यमंत्री शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंचे थे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अध्यापक की नियुक्ति के संबंध में कोई शिकायत है तो सभी को विरोध करने का अधिकार है। 

जाति और धर्म के आधार पर विरोध नहीं होना चाहिए। छात्रों से मामले में बात की जाएगी और उन्हें समझाया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें भी संस्कृत एक मुस्लिम शिक्षक ने पढ़ाया है। 
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'एबीवीपी सबसे बड़ा छात्र संगठन'

अधिवेशन के संबंध में उन्होंने कहा कि आयोजन भव्य है। परिषद पूरे विश्व में विद्यार्थियों का सबसे बड़ा संगठन है। संगठन के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय भावना और अनुशासन दिखता है। उनके भी राजनीतिक जीवन की शुरूआत एबीवीपी से हुई, इस बात की खुशी है। 

संगठन राष्ट्र को नेतृत्व देने का काम भी करता है। नगर निगम के मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी की जनप्रतिनिधियों की ओर से की गई शिकायत पर उन्होंने कहा कि मामले को नगर विकास मंत्री देखेंगे। 

प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों पर कार्रवाई हो

जेएनयू प्रकरण में डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि देश में रहने वाले स्वामी विवेकानंद का अपमान नहीं कर सकते हैं। वह निर्दोष नहीं हो सकते। प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 
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