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UP: ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं, तो रोजगार नहीं! विभागीय लापरवाही से 108 जवान बेरोजगार

Wed, 04 Feb 2026 08:37 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग की लापरवाही 108 जवानों पर भारी पड़ रही है। ये युवा तीन साल से बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। 
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पीआरडी जवान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आगरा में  क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग की लापरवाही ने 108 जवानों के सामने रोजगार का संकट खड़ा कर दिया है। पिछले तीन वर्षों में भी रिकार्ड को ऑनलाइन कर निदेशालय नहीं भेजा है जिससे वह नौकरी से घर बैठने को मजबूर हो गए हैं। परिवार के सामने आर्थिक संकट है।
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विभाग में तैनात पीआरडी जवानों के 2019 से रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बाद उनके सत्यापन कर रिकॉर्ड को निदेशालय कार्यालय में भेज कर लॉक कर दिया गया। उन्हीं जवानों की ड्यूटी लगाई गई। जिनका रिकार्ड ऑनलाइन हो गया था। इसमें जनपद के करीब 108 जवानों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने से शेष रह गए। जिला युवा कल्याण अधिकारी ने तीन साल बाद भी रिकॉर्ड को ऑनलाइन कराकर नहीं भेजा।

इस लापरवाही से बेरोजगार बने पीआरडी जवान ने उप निदेशक से लेकर सीडीओ तक कई बार शिकायत कर चुके हैं। पीआरडी जवान ब्रज किशोर ने बताया कि 31 दिसंबर 2023 से घर बैठे है। रिकॉर्ड को ऑनलाइन न करने से काम नहीं मिला है। कई बार उच्च अधिकारियों को शिकायत की है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है।
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पीआरडी जवान मनोज कुमार ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद भी रिकार्ड को ऑनलाइन कराकर नौकरी पर नहीं बुलाया गया है। उप निदेशक युवा कल्याण विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि करीब 108 जवान का रिकार्ड ऑनलाइन होकर लॉक नहीं हो सका है। जिला युवा कल्याण अधिकारी को कई पत्र लिखकर निर्देशित किया है।
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