बर्खास्तगी से वंचित रह गए एसआईटी (विशेष जांच दल) जांच में शामिल शिक्षकों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। शासन के आदेश पर 77 शिक्षकों का वेतन बीएसए ने रोक दिया है।
जांच खत्म होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। अगर बर्खास्त होते हैं तो एफआईआर दर्ज होगी। अगर बर्खास्तगी से बच जाते हैं और क्लीन चिट मिल जाती है तो पूरा वेतन जारी हो जाएगा। वेतन रुकने से शिक्षकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
जनपद में 163 फर्जी शिक्षकों की सूची को एसआईटी ने भेजा था। इसमें दो शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है। जबकि 84 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। शेष 77 शिक्षकों को हर माह वेतन जारी हो रहा था। इस कारण विभाग भी मेहरबान था। लेकिन शासन की फर्जी शिक्षकों पर बढ़ती जा रही सख्ती से बर्खास्तगी से वंचित शिक्षकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब इन शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है।