टीवी वार्ड में मरीज की जांच करते डॉक्टर
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आगरा में भीषण गर्मी और उमस ने सांस और टीबी के पुराने मरीजों की हालत खराब कर दी है। सांस फूलने, खांसी के साथ बलगम में खून आ रहा है। ऑक्सीजन का स्तर कम मिल रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग की ओपीडी में पुराने मरीजों की संख्या ढाई गुना से अधिक बढ़ गए हैं। ऐसे 10-12 मरीजों को वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है।
ओपीडी में आए 242 मरीज
एसएन के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि ओपीडी में 242 मरीज आए। इसमें से सांस-दमा और टीबी के 77 नए मरीज और 165 मरीज फॉलोअप वाले रहे। इनमें उमस और गर्मी से गले में सूखापन बढ़ने से खांसी ज्यादा आ रही है। फेफड़ों में पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुंचने से सांस फूल रही है। लगातार खांसी से बलगम में खून आ रहा है। इमरजेंसी और ओपीडी में से ऐसे 10-12 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। जांच में इनका ऑक्सीजन का स्तर 90 से कम मिला। इन सभी मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है।
दवाएं न करें बंद, पानी पीते रहें: डॉ. संतोष कुमार
एसएन के वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि ओपीडी में आए सांस और टीबी के मरीजों में गर्मी, उमस के अलावा एलर्जी से भी परेशानी बढ़ गई है। 15-20 फीसदी मरीजों ने दवाएं भी नियमित नहीं लीं। इससे इनकी हालत बिगड़ने लगी। ऐसे में मरीज दवाएं बंद न करें और कमरे में हवा की बेहतर निकासी हो और गले को नम रखने के लिए हर घंटे पानी पीएं।