एटा के जैथरा कस्बे और आसपास के गांवों में मंगलवार सुबह अचानक घना कोहरा छा गया, जिससे दृश्यता लगभग शून्य हो गई। करीब तीन घंटे तक लोग सर्दी जैसा मौसम महसूस करते रहे, जिसके बाद सुबह साढ़े नौ बजे धूप निकलने पर हालात सामान्य हुए।
एटा के जैथरा कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक घने कोहरे की चादर छा गई, जिससे लोगों को गर्मी के मौसम में सर्दी का एहसास हुआ। सुबह के समय दृश्यता लगभग शून्य हो गई, जिसके कारण वाहनों को लाइटें जलाकर बेहद धीमी गति से चलना पड़ा। इस अप्रत्याशित मौसमी घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों को अचंभित कर दिया।
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हाल ही में होली के बाद से क्षेत्र में तापमान तेजी से बढ़ रहा था और लोग दोपहर की धूप से परेशान थे। कई लोगों ने गर्म कपड़े पहनने से भी परहेज कर लिया था और हाफ शर्ट में घूम रहे थे। ऐसे में, मंगलवार की सुबह घने कोहरे और ठंडी हवा का सामना करना उनके लिए एक बड़ा आश्चर्य था। राहगीरों के कपड़ों पर बर्फ की हल्की परत जमी देखी गई, और कई लोगों के कपड़े भीगे हुए मिले, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कस्बे और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को इस घने कोहरे का सामना करना पड़ा। सुबह सैर के लिए निकले लोगों को अचानक घने कोहरे और ओस की बूंदों से सामना हुआ, जिससे उनकी आंखें फटी रह गईं। दृश्यता शून्य होने के कारण सड़कों पर वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे थे। घने कोहरे के कारण लोगों को सर्दी का अहसास हुआ और उनके हाथ-पैर ठंडे पड़ गए। यह स्थिति लगभग तीन घंटे से अधिक समय तक बनी रही, जिसके बाद सुबह लगभग साढ़े नौ बजे धूप निकलने पर जनजीवन सामान्य हो सका।
स्थानीय लोग इस अचानक पड़े घने कोहरे को 'कुदरत का करिश्मा' बता रहे हैं। किसानों ने हालांकि राहत की बात यह बताई कि इस कोहरे का फसलों पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा। वहीं, दोपहर के समय मौसम में आई शीतलता के कारण तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। लोगों का कहना है कि कभी गर्मी और कभी सर्दी, यह प्रकृति के बदलते मिजाज का ही परिणाम है।