आगरा। घने कोहरे के बीच बढ़े प्रदूषण ने लोगों का सांस लेना मुहाल कर दिया। 10 दिनों से प्रदूषण का स्तर गहराने से अस्थमा, सीओपीडी, टीबी और अन्य सांस संबंधी रोगियों के लिए परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग विभाग में मरीजों की संख्या में लगातार उछाल देखा जा रहा है। विभागाध्यक्ष डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि सीओपीडी और अस्थमा के मरीजों की संख्या 50 से 60 तक बढ़ी है, जिनमें करीब 10 मरीज गंभीर अस्थमा अटैक के हैं। इसके अलावा रोजाना 30 से 40 सीओपीडी मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ओपीडी में लगभग 200 मरीज आते थे, अब यह संख्या बढ़कर 245 से 300 तक पहुंच गई है। रोजाना 100 से 150 टीबी के मरीज भी एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सर्दियों में वैसे ही क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और सांस की बीमारियों के मरीज बढ़ जाते हैं। मरीज नियमित रूप से दवा लें और इनहेलर का सही उपयोग करें। सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। मास्क पहनकर ही बाहर निकलें।
2855 मरीजों का उपचार
मंगलवार को एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 2855 मरीजों का उपचार किया गया। इसमें सबसे अधिक मरीज खांसी, जुखाम, गले और सिर के साथ कान में दर्द के रहे। मेडिसिन विभाग में कुल 620 मरीजों का उपचार किया गया। वहीं, ऑर्थोपेडिक विभाग में 287 मरीजों का उपचार किया गया। वहीं, त्वचा संबंधी 230 मरीज रहे।