एटा में बुखार और सामान्य वायरल को लेकर डेंगू की जांच करने वाले पैथोलॉजी संचालकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने के मूड में है। सीएमओ के माध्यम से डेंगू की जांच के मरीजों का आधा खून सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए गए हैं। अगर मरीज में डेंगू की पुष्टि होती है तो बचे हुए खून को मेडिकल कालेज भेजकर पुन: पुष्टि कराई जाएगी। गलत रिपोर्ट होने पर पैथोलॉजी संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डेंगू के नाम पर होने वाली लूट को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तोड़ निकाला है। डॉक्टर द्वारा डेंगू की जांच लिखने के बाद पैथोलॉजी संचालक को जांच के दौरान लिए गए सैंपल का आधा खून अपने पास सुरक्षित रखना होगा। अगर ऐसा नहीं करता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सीएमओ के माध्यम से जिले में संचालित तीनों पैथोलॉजी को पत्र जारी कर दिए गए हैं। साथ ही सख्त हिदायत दी गई है कि अगर कोई की डेंगू की पॉजिटिव रिपोर्ट आती है तो उसको डॉक्टर को देने के साथ-साथ एक रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजी जाएगी।
रिपोर्ट की पुष्टि करने के लिए सुरक्षित रखा गया सैंपल को अलीगढ़, आगरा व सैफई मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। अगर वहां की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं होती है तो पैथोलॉजी संचालक के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- जिले में संचालित तीनों पैथोलॉजी संचालकों को पत्र भेजकर हिदायत दे दी गई है और सैंपल के ब्लड को सुरक्षित रखने तथा उसकी पुष्टि होने पर मेडिकल कॉलेज भेजने की व्यवस्था अमल में लाई जाएगी।
डा. अजय अग्रवाल, सीएमओ