आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी लैब में हुई जांच में तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। एक मरीज मेडिसिन विभाग में भर्ती है। एक महिला मंगलवार को डिस्चार्ज होकर घर पहुंची। एक मरीज ने ओपीडी में दिखाया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उससे संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नीरज कुमार का कहना है कि देवरी रोड स्थित महिला मरीज की स्थिति अब ठीक है। वह घर पहुंच गई है। उसके घर और आसपास एंटी लार्वा का छिड़काव करा दिया गया है। लोगों को मच्छर काटने से बचने के लिए जागरूक भी किया गया। नगर निगम से फॉगिंग करने के लिए कहा गया है। वहीं, एक मरीज की हिस्ट्री दिल्ली की है। उससे पूछताछ कर ली गई है। एक और मरीज के संबंध में जानकारी एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से दी गई है, उससे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या अब नौ हो गई है। इसमें देवरी रोड स्थित महिला शामिल है। दूसरा मरीज की हिस्ट्री दिल्ली का है। यहां के रिकार्ड में उसे नहीं शामिल किया जा रहा है। तीसरे मरीज के संबंध में विभाग की टीम जानकारी जुटा रही है। आठवां मरीज जिले में सितंबर माह के अंत में मिला था। अक्तूबर माह में मरीज नहीं मिले।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाया जा रहा है कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक चलाया गया। आशाएं व एएनएम घरों पर जाकर सर्वे किया और लोगों को जागरूक भी किया। मच्छर का लार्वा भी तलाशा गया। कुछ जगहों पर लार्वा मिलने पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। केंद्र से स्वास्थ्य विभाग की टीम के अलावा प्रदेश स्तर से नामित नोडल अधिकारी ने भी क्षेत्रों का दौरा किया था।
आगरा। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नीरज कुमार का कहना है कि लोगों को कुछ दिन और मच्छर काटने से खुद को बचाने की जरूरत है। ठंड बढ़ रही है। कुछ दिन बाद मच्छर का काटना प्रभावी नहीं होगा। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना चाहिए। घर में आसपास पानी एकत्रित न होने दें, जिससे मच्छर पनप सकें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। खिड़कियों व दरवाजों पर जालियां लगानी चाहिए।