राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि सौ शैय्या अस्पताल में करीब 540 मरीज भर्ती हैं। नए वार्ड में भी मरीज अधिक हो गए हैं। हम वार्ड की क्षमता को और बढ़वा रहे हैं। हमने नए स्टॉफ को भी ज्वाइन कराया है। ताकि कोई भी मरीज बिना इलाज के न रह जाए।
मुख्यमंत्री से लेकर उच्चाधिकारी तक आए, नहीं सुधरीं व्यवस्थाएं
जिले में बिगड़ते हालात को देखते हुए सौ शैय्या अस्पताल में मुख्यमंत्री से लेकर प्रमुख सचिव, भारत सरकार और प्रदेश की विशेषज्ञ डॉक्टर की टीम दौरा कर चुकी है। मगर किसी ने भी व्यवस्थाओं पर गौर नहीं किया है। मरीज भर्ती के लिए तीमारदारों को फाइल बनाकर गेट पर ही दे दी जाती है।
तीमारदार पहली मंजिल से लेकर तीसरी मंजिल तक मरीज को गोद में उठाए दौड़ता रहता है। मरीज को इधर से उधर भेजा जाता है। सौ शैय्या अस्पताल के पास ही रिकॉर्ड नहीं है कि कौन सा बच्चा कहां भर्ती है। ऐसे में कई अभिभावक बेबस होकर रोते नजर आते हैं।
निजी अस्पताल में अब भर्ती नहीं कर रहे मरीज
शहर के प्रमुख अस्पताल भर्ती मरीजों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई है। प्राइवेट अस्पताल नए मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे है। तीमारदार मरीज को आगरा, दिल्ली में इलाज कराने को दौड़ रहे हैं।