शहर के प्रमुख कैथोलिक चर्च सेंट मेरीज को गुरुवार तड़के असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया। माता मरियम और प्रभु यीशु समेत चार मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। चर्च परिसर में लगे सूचना पट को भी तोड़ दिया। वहां खड़ी कार के शीशे तोड़ने पर सायरन बजा तो जगार हो गई। फादर अन्य लोगों के साथ बाहर आए तो हमलावर चहारदीवारी फांदकर भाग निकले। सूचना पर पुलिस अफसरों ने मौका मुआयना किया। घटना से ईसाई समाज के लोगों में भारी आक्रोश है। थाना रकाबगंज में हमलावरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
अजमेर रोड प्रतापपुरा चौराहे के नजदीक स्थित कैथोलिक सेंट मेरीज चर्च तकरीबन सौ साल पुराना है। इसके मुख्य पादरी मून लाजरस ने बताया कि कैंपस में ग्वालियर से आए फादर जॉयस की कार खड़ी थी। तड़के साढ़े तीन बजे गाड़ी का सायरन बजा तो वह, फादर जॉन रोशन, राजनदास बाहर आए। कुछ लोगों को बाउंड्रीवाल फांदकर भागते देखा। कार के शीशे टूटे पड़े थे। इसके बाद चर्च कर्मचारी सुशील ने देखा तो मुख्य द्वार पर लगी माता मरियम की करीब पांच फीट ऊंची प्रतिमा, जो कांच के केबिन में बंद थी, बाहर पड़ी थी। केबिन टूटा हुआ था। माता मरियम की छोटी मूर्ति भी टूटी पड़ी थी। बाल यीशु और माता वेलिंकनी की मूर्तियां भी क्षतिग्रस्त पड़ी थीं।
सुशील ने इसकी जानकारी पादरी को दी। चर्च परिसर में ही गुरुकुल है, जिसमें 20 से अधिक अनाथ बच्चे रहते हैं। कुछ ही देर में सभी लोग बाहर आए। घटना की जानकारी पर एसएसपी राजेश डी. मोदक, एसपी सिटी समीर सौरभ पुलिस बल के साथ पहुंचे। चर्च परिसर में बीयर की खाली बोतल भी पड़ी थी। अनुमान है कि हमलावरों ने यहां बीयर पीया।
पादरी मून लाजरस ने बताया कि अंधेरे के कारण ठीक से देख नहीं पाए कि हमलावर कितने थे। उनकी संख्या 10 से 12 हो सकती है। क्योंकि परिसर में जहां भी मूर्तियां लगी थीं, वहीं तोड़फोड़ की गई। उन्होंने थाना रकाबगंज में धारा 153 ए/2 (धार्मिक भावनाओं को आहत करना), 295 (धार्मिक स्थल या मूर्ति में तोड़फोड़ करना), 427 (सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना) के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।